काठमाण्डू मे पोयमांडू ।
काठमांडू, ९ गते, चैत , मुकुन्द आचार्य । विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य में बीपी कोइराला नेपाल–भारत फाउण्डेशन एवं भारतीय दूतावास के संयुक्त आयोजन में विभिन्न भाषा के कवियों की सहभागिता में ‘पोयमांडू’ सम्पन्न हुआ । भारतीय दूतावस के प्रथम सचिव अभय कुमार की विशेष सक्रियता में संचालित उक्त बहुभाषी काव्यसंध्या के पहले सत्र में राष्ट्रकवि माधवप्रसाद घिमिरे एवं नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति वैरागी काईला ने कार्यक्रम की सफलता की कामना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों से बहुभाषी समुदायों के बीच में आपसी सद्भाव बढने के साथ ही विभिन्न भाषा के साहित्य के बारे में जानकारी मिलेगी, ऐसा कहा ।
राष्ट्रकवि ने साहित्य को हृदय पक्ष से संबन्धित बताते हुए कहा– विज्ञान दिमागी पक्ष है और साहित्य का सम्बन्ध हृदय से है । दोनों का संतुलन आज के युग में अति आवश्यक है । 
उस काव्य संन्ध्या में कविगण सर्वश्री डा. रामदयाल राकेश (हिन्दी), दुवसु क्षेत्री (नेपाली), उज्ज्वल महर्जन (अग्रेजी) प्रतीसरा मानन्धर (नेवारी), गोपाल ठाकुर (भोजपुरी), दिग्विजय मिश्र (अवधी), आभा सिन्धु सिंह (हिन्दी), द्वारिका श्रेष्ठ (नेपाली), पूर्ण वैद्य (नेवारी), डा. श्वेता दीप्ती (हिन्दी), धीरेन्द्र प्रेमर्षी (हिन्दी), गोपाल अश्क (भोजपुरी), अभय कुमार (अंग्रेजी), राजेन्द्र शलभ (नेपाली), सुदन खुसामी (नेवारी), मुकुन्द आचार्य (हिन्दी), नारद ब्रजाचार्य (नेवारी), इम्तियाज वास (उर्दू), उदयचन्द्र दास (हिन्दी), पुष्परत्न तुलाधर (नेवारी), निशा श्रेष्ठ (नेपाली), राजेश्वर नेपाली (हिन्दी), नवीन चित्रकार (नेवारी), कुलचन्द्र सिलवाल (नेपाली) थे ।और समारोह के अन्त में भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव अभयकुमार के अंग्रेजी गीत को संगीत और स्वर देते हुए सपन घिमिरे ने प्रस्तुत किया, जिसने स्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया ।

