मधेश के सिपाही स्वर्गीय राम बहादुर महतो का परिवार अभी भी उपेक्षित
मनोज बनैता, सिरहा, १२ सेप्टेम्बर ।
मधेशी, पिछडा वर्ग, दलित, जनजाति, मुस्लिम, महिला लगायतका अधिकार के लिए जीवन त्याग्ने वाले राजपा नेपाल के तत्कालीन सिरहा जिला अध्यक्ष राम बहादुर महतो का द्वितीय बार्षिक पुण्य तिथि मे पार्टी कार्यकर्ताओं ने राम जानकी मन्दिर सुखीपुर के प्राङ्गन में स्मृति सभा सम्पन्न किया है । स्वर्गीय महतो का शौर्य गाथा उनके तस्वीर को आगे रखकर गाई गई । जी हां बात हम मधेश के एक ऐसे सपूत की है जो मधेश का स्वाभिमान वापस लाने के लिए मधेश माँ की गोद में सदा के लिए सो गया। ऐसा सपूत सिरहा जिला, सुखिपुर नगरपालिका के रामबहादुर महतो थे जिन्होंने देश में विधमान मधेश विरोधी ताकतों से आजीवन लडते रहे । मधेश की प्रतिष्ठा रक्षा के सवाल मे स्वर्गीय महतो ने आन-बान व शान के साथ हर हाल में जिले की सेनानी की तरह अपना सर्वस्व न्योछावर करने से पीछे नहीं रहे। कह सकते है की जिले में ऐसे वीर सपूतों की संख्या इतनी है कि उसे कागज के पन्नों पर अंकित असानी से किया जा सकता।
बीते वर्ष स्मृति सभा में तत्कालीन राजापा पार्टी का अध्यक्ष मण्डल का सदस्य हाल जनता समाजवादी बरिष्ठ नेता राजेन्द्र महतो, प्रदेश २ का सामाजिक विकास मन्त्री नवल किशोर साह लगायत राज्य मन्त्री तथा पार्टी का केन्द्रीय सदस्यगण खुल्ला मंच मे बडे बडे भाषण दिए लेकिन किया कुछ नहीं । अभी भी स्वर्गीय महतो का पूरा परिवार उपेक्षा का दंश झेल रहा है । स्थानीय कहते है ‘नेता राजेन्द्र महतो ने गत वर्ष रोते हुवे खुला मंच से कहा था कि अब राम बहादुर का सपना उनका सपना है और पार्टी का सपना है परन्तु दिन बदलते नेताजी बात से पल्टी खागए । उनके घर परिवारके सुख दुख मे साथ देने का वादा भी फरेब निकला । मंचपर आँसु बहानेवाले नेता महतो रामबहादुर की बहादुरी गाथा को भुल गए । उनके आँसू भी घडयाली आँसू थे ।’

