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कीर्तिपुर घटना : घर खाली करने के क्रम में ही मकान मालिक की पिटाई से शंभु चौधरी की जान गई

 

भारत के चंपारण के 42 वर्षीय शंभू चौधरी (महतो) लगभग दो दशकों से नेपाल में रह रहे थे। वह ज्यादा पढ़ा नहीं था और शुरुआती दिनों में बारा में रहता था। वहां रहने के दौरान, उन्होंने सिरहा की मीरा से शादी कर ली ।

हाल ही में शंभू और मीरा अपने परिवार के साथ भाजंगल, कीर्तिपुर नगर पालिका -7, काठमांडू में रह रहे थे। शंभू तीन बेटों के साथ परिवार का गुजारा चला रहा था। कभी वह सार्वजनिक परिवहन में सह-चालक का काम तो कभी  फल बेच कर अपना घर चलाया करता था ।

गुरुवार को चौधरी परिवार में मुसीबत आ गई। परिवार के साथ मिलकर शंभू चौधरी को मकान मालिक ने पीट-पीटकर मार डाला। मीरा के अनुसार, गृहिणी प्रेम कृष्ण महर्जन के परिवार ने लाकडाउन शुरु होने के साथ ही खराब व्यवहार करने लगे थे । फिर भी शंभु और मीरा को यह यकीन नही था कि छोटी छोटी बात के कारण मकान मालिक इस तरह जान ही ले लेंगे ।

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पुलिस के मुताबिक, शंभू का परिवार हालिया तालाबंदी और प्रतिबंध के आदेश के कारण किराया देने में देर कर रहा था। जिसके कारण उसपर घर खाली करने का दवाब दिया जा रहा था । शंभू ने पिछले सप्ताह ही मकान मालिक काे 12,000 रुपये दिए थे । मीरा के अनुसार, शंभू ने शेष दो महीने के किराए पर एक महीने की अग्रिम राशि दी थी।

हालांकि, पैसे मिलने पर गृहिणी ने उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। इसके बजाय, उसने तुरंत घर छोड़ने की धमकी दी। उनलोगों ने कहा कि द्याकडाउन में कैसे घर खाली करें और कहाँ जाएँ पर मकान मालिक ने उन्हें मारने की धमकी दी मीरा के अनुसार मकान मालिक ने उसके बाल खींचकर उसे पीटा भी ।  अंत में उनलोगों ने घर खोजा और आधा सामान नए घर में पहुँचा लिया था कुछ सामान बाकी था इसलिए उस दिन दोनों पति पत्नी वहीं रह गए और बच्चों को नए घर में भेज दिया था ।

शुक्रवार की सुबह, मीरा दूसरी मंजिल पर काम कर रही थी। अचानक उसने  शंभू को चिल्लाते हुए सुना, “मुझे मार डालो, मुझे बचा लो, मुझे बचा लो।” वह दौड कर नीचे आई जहाँ मकान मालिक और उसकी पत्नी शंभु को पीट रहे थे । वह बेहोश हो गया था तभी उसी घर में रहने वाले अन्य किराएदार वहाँ आए उसे बचाने की कोशिश की । तभी शंभु का बेटा भी आ गया उसने पुलिस को फोन किया ।

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जैसे ही मेट्रोपॉलिटन पुलिस सर्कल, कीर्तिपुर की टीम पहुंची, शंभू को दोपहर 12.30 बजे एम्बुलेंस में कीर्तिपुर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन कुछ देर बाद डॉक्टर ने शंभू को मृत घोषित कर दिया।

कीर्तिपुर में शंभू की मृत्यु के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए टीआरआईवी टीचिंग अस्पताल, महाराजगंज भेज दिया। उसके लिए परिवार की सहमति आवश्यक है। मीरा ने शव लेने से इनकार कर दिया है ।  उसने शनिवार को मकान मालिक के दो बेटे और दो बेटियों, 63 साल की 66 वर्षीय महारजन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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प्रेम कृष्ण को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। मीरा की शिकायत के आधार पर उनके दो बेटों परमेश्वर महारजन और प्रमोद महारजन को भी गिरफ्तार किया गया है। काठमांडू पुलिस के एसपी सोमेंद्र सिंह राठौड़ के मुताबिक, अदालत ने उन्हें जांच के लिए पांच दिन का समय दिया है।

उनके मुताबिक, अब इस घटना की विस्तृत जांच होगी। पुलिस के मुताबिक, शंभू को अपने कूल्हे में चोट लगी है। अन्य जगहों पर, कोई बाहरी चोट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने दावा किया है कि इस घटना में केवल एक ही व्यक्ति शामिल था। उन्होंने कहा कि घटना पूरी तरह से आपराधिक थी और इसकी गंभीरता से जांच की जा रही थी।

पुलिस ने इस घटना को पेश नहीं करने का भी अनुरोध किया है क्योंकि इससे सामाजिक सद्भाव को खतरा होगा।

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