Tue. Nov 3rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मासूम नेपाली बच्ची की जिन्दगी बचाने के लिए भारतीय अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय पुल खोला

 

नेपाल का मल्लिकार्जुन गांव जो भारतीय सीमा से लगा हुआ है  की एक बच्ची का लंबे समय से दार्चुला के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। बच्ची की आंतों में गांठें बनने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए नेपाल के चिकित्सकों ने परिजनों को उसे भारत ले जाने की सलाह दी। लेकिन झूलापुल बंद होने के कारण परिजन ठिठक गए। बाद में नेपाल के समाजसेवियों के जरिये परिजनों ने पिथौरागढ़ जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई तो भारतीय अफसरों ने मासूम की जिंदगी की खातिर तत्काल झूला पुल खोलने के आदेश दिए।नेपाल की माहभर की एक बीमार बच्ची की जान बचाने के लिए तमाम नियम-कानून और विवादों को दरकिनार कर सोमवार दोपहर केवल बीस मिनट के लिए अंतरराष्ट्रीय झूला पुल खोला। पुल खुलते ही सीमा पार बेटी को तड़पते देख रहे माता-पिता को जैसे नये प्राण मिल गए।प्राथमिक उपचार के बाद बीमार मासूम को धारचूला के बलुवाकोट में रखा गया है। मंगलवार को उसे और बेहतर इलाज के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल लाया जाएगा।

यह भी पढें   अनशनरत डॉ. गोविंद केसी की हालत बिगड़ी, नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से काठमांडू लाया गया

महज 20 मिनट के लिए झूला पुल खुलने पर दोनों देशों के 138 लोगों ने पुल से आवाजाही की। एसएसबी के इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह ने बताया कि बीमार बच्ची को इलाज के लिए भारत लाया जाना था। इसके अलावा कई अन्य लोगों ने भी भारत और नेपाल में आवाजाही करनी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए भारत और नेपाल प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। जिसके बाद दोनों देशों की सहमति से पुल खोलने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया इस दौरान 88 लोग नेपाल से भारत और 50 लोग भारत से नेपाल गए।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com