दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे का पचीसवाँ साल सेलिब्रेशन
शाह रुख़ ख़ान और काजोल की फ़िल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे ने 20 अक्टूबर को 25 साल का सफ़र पूरा कर लिया। मुंबई के मराठा मंदिर में 1200 हफ़्ते पूरे कर चुकी डीडीएलजे अब 8 देशों में दोबारा रिलीज़ की जा रही है, जिनमें यूरोप के देश भी शामिल हैं।
फ़िल्म के निर्माता यशराज फ़िल्म्स ने इसकी जानकारी ट्विटर के ज़रिए साझा की है, जिसके अनुसार फ़िल्म की सिल्वर जुबली का जश्न मनाने के लिए डीडीएलजे यूके, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैड, मॉरिशस, स्वीडन, फिनलैंड, एस्टोनिया और स्पेन में फ़िल्म 30 अक्टूबर को रिलीज़ की जाएगी। इससे पहले लंदन में फ़िल्म के 25 साल सेलिब्रेट करने के लिए शाह रुख़ ख़ान और काजोल के किरदारों राज और सिमरन की ब्रॉन्ज स्टेच्यू लगाने की घोषणा की जा चुकी है।
20 अक्टूबर 1995 को रिलीज़ हुई डीडीएलजे को आदित्य चोपड़ा ने निर्देशित किया था। यह उनकी डेब्यू फ़िल्म थी। फ़िल्म में शाह रुख़ और काजोल के अलावा अमरीश पुरी, अनुपम खेर, फरीदा जलाल, मंदिरा बेदी और परमीत सेठी ने अहम किरदार निभाये थे। आदित्य के छोटे भाई उदय चोपड़ा ने फ़िल्म में बतौर असिस्टेंट काम किया था। फ़िल्म का संगीत जतिन-ललित ने दिया था, जो काफ़ी लोकप्रिय रहा था। नब्बे के दौर में डीडीएलजे के निर्माण पर लगभग 4 करोड़ रुपये ख़र्च हुए थे, जबकि फ़िल्म ने 102.50 करोड़ रुपये की कमाई दुनियाभर में की थी, जिसमें से 13.50 करोड़ सिर्फ़ ओवरसीज़ से आये थे। इस फ़िल्म ने शाह रुख़ ख़ान को अप्रवासी भारतीयों के बीच काफ़ी लोकप्रिय कर दिया था।
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को 10 फ़िल्मफेयर अवार्ड्स मिले। Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment के लिए फ़िल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था। डीडीएलजे को ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट की सूची में 11वे नंबर पर रखा गया है। मदर इंडिया और शोले के बाद रैंकिंग सूची मे इसका नंबर आता है।


