सरकार विरुद्ध सभी प्रदेशों में विरोध प्रदर्शन की तैयारी
काठमांडू, २७ नवम्बर । मोहन वैद्य नेतृत्व में रहे नेकपा (क्रान्तिकारी माओवादी) ने कहा है कि सरकार विरुद्ध मार्गशीर्ष २५ गते काठमांडू के सहित सभी प्रदेशों में प्रदर्शन किया जाएगा । एक विज्ञप्ति जारी करते हुए उसने कहा है कि राष्ट्रीय सरोकार के मुद्दों में सरकार को सचेत करने के लिए यह आन्दोलन है । आन्दोलन अन्तर्गत काठमांडू सहित सभी (सातों) प्रदेशों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा ।
मार्गशीर्ष ८ से १० गते सम्पन्न पार्टी पोलिटव्युरो बैठक ने यह निर्णय लिया है । पार्टी को कहना है कि भारतीय कब्जे में रहे नेपाल की जमीन लिम्पियाधुरा सहित की भूमि की वापसी, एमसीसी परियोजना की खारेजी, भ्रष्टाचार और महंगई नियन्त्रण, बालिका एवं महिलाओं के ऊपर हो रहे बलात्कार और हत्या रुकना चाहिए । इसीतरह विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हो रहे मजदूर निष्काशन एवं दरबंदी कटौती भी रोकने के लिए कहा गया है । इतना ही नहीं किसानों को खाद उपलब्धता, स्वदेश में ही रोजगारी की सुनिश्चितता, शिक्षा और स्वास्थ्य को राष्ट्रीयकरण, मजदूर किसान, महिला, दलित, आदिवासी जनजाति, मधेशी, मुस्लिम सहित के उत्पीडित वर्ग तथा समुदाय की हक सुरक्षित एवं जनजीविका संबंधी विषय को पार्टी ने उठाया है । पार्टी महासचिव मोहन वैद्य द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा है कि उल्लेखित विषयों में सरकार अनदेखा कर रही है, इसीलिए सरकार को सचेत करने के लिए पार्टी ने प्रदर्शन करनेका निर्णय लिया है ।
बैठक में महासचिव वैद्य द्वारा पेश राजनीतिक प्रतिवेदन परिमार्जन के साथ पारित हो गया है । प्रतिवेदन में नवउदारवादी अर्थतन्त्र, बढ़ती आर्थिक मंदी, आर्थिक बृद्धिदर में आ रहे न्यूनता, व्यापार युद्ध जैसे विषयों में भी चर्चा की गई है । महासचिव वैद्य ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि पुँजीवादी राज्यसत्ता तथा संसदीय व्यवस्था असफल होता जा रहा है, विभिन्न साम्राज्यवादी एवम् अन्तर्राष्ट्रिय शक्ति केन्द्र, श्रम और पुँजी, साम्राज्यवाद और उत्पीडित राष्ट्र के बीच में अन्तर्विरोध भी बढ़ रही है । उनका कहना है कि अब विश्व में पुँजीवाद के विकल्प में वैज्ञानिक समाजवाद स्थापना होना चाहिए ।

