चिनियां रक्षामन्त्री का नेपाल भ्रमण संबंधी विषय को भारत के साथ जोड़कर देखना ठीक नहीं हैः डा. भट्टराई

काठमांडू, १ दिसम्बर । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के परराष्ट्र मामिला सलाहकार एवं परराष्ट्रविद् डा. राजन भट्टराई ने कहा है कि चिनियां रक्षामन्त्री वेइ फेङ्हे का नेपाल भ्रमण को भारत के साथ जोड़कर देखना और व्याख्या–विश्लेषण करना ठीक नहीं है । उन्होंने कहा कि नेपाल एक स्वतन्त्र देश है, पड़ोसी देशों के साथ होनेवाला संबंध भी स्वतन्त्र ही रहेगा, इसीलिए पड़ोसी देशों से नेपाल भ्रमण पर आनेवाले पदाधिकारियों का भ्रमण संबंधी विषय को अन्य देशों के साथ जोड़कर देखना ठीक नहीं है ।
स्मरणीय है, गत आइतबार चिनियां विदेशमन्त्री वेइ फेङ्हे ने नेपाल भ्रमण किया था । उसी सन्दर्भ को लेकर रिपोटर्स क्लब द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए डा. भट्टराई ने कहा– ‘नेपाल एक स्वतन्त्र देश है । दूसरे देशों के साथ होनेवाला संबंध भी स्वतन्त्र ही रहेगा । इसीलिए इसको अन्य देशों के साथ जोड़कर हम लोग व्याख्या–विश्लेषण करते हैं तो हम लोग ही फंसेगे । ऐसी गलत कार्य नहीं होना चाहिए । जिसतरतह नेपाल–भारत दो अलग–अलग देश है और उसके अनुसार ही संबंध रहता है । वही नियम चीन के साथ भी लागू होता है ।’
डा. भट्टराई ने कहा कि हर देशों के साथ नेपाल का मित्रवत संबंध रहना चाहिए । डा. भट्टराई ने कहा कि चीन की ओर से नेपाली सेना को हर साल जो सहयोग प्राप्त होता आया है, इसबार भी उसकी निरन्तरता हुई है, इसमे अन्य कोई भी शंकास्पद गतिविधि नहीं है । डा. भट्टराई के अनुसार नेपाल–भारत बीच सीमा संबंधी जो विवाद है, उसके संबंध में दिसम्बर में होनेवाला परराष्ट्र मन्त्रीस्तरीय भेटवार्ता भें विचार–विमर्श होनेवाली है । उनका कहना है कि वार्ता से ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा ।

