संवैधानिक परिषद् संबंधी अध्यादेश ‘गणतन्त्र का चिरहरण’ :. भट्टराई

काठमांडू, १५ दिसम्बर । सरकार द्वारा जारी संवैधानिक परिषद् (काम, कर्तव्य, अधिकार और कार्यविधि) संबंधी अध्यादेश को संघीय समाजवादी पार्टी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने विरोध किया है । उनका कहना है कि यह अध्यादेश गणतन्त्र का चिरहरण है । उन्होंने तत्काल संसद् अधिवेशन आह्वान करने के लिए भी मांग किया है ।
आज अध्यादेश जारी होने के बाद सामाजिक संजाल में डा. भट्टराई लिखते हैं– ‘यूं कहें तो हमारे यहां संवैधानिक आयोग कमजोर है, अब अध्यादेश के बल पर ३ सदस्यीय ओली परिषद् अपने खलती से नाम चयन करते हैं तो परिषद् कैसी रहेगी ? जनता की बलिदान से स्थापित गणतन्त्र का चिरहरण तो नहीं हो रहा है ?’

