नेपाली कांग्रेस में महाविभाजन की आहट: डॉ. शशांक कोइराला के नेतृत्व में नई पार्टी बनाने की तैयारी
काठमांडू, 2 अगस्त। नेपाल की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी, नेपाली कांग्रेस के भीतर जारी आंतरिक विवाद अब विभाजन के मुहाने पर पहुँच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कोई नाटकीय राजनीतिक सहमति नहीं बनती है, तो पार्टी का बंटवारा लगभग तय है। मुख्य विपक्षी दल के इस संभावित विभाजन से लोकतांत्रिक शक्तियों की एकता, आगामी चुनाव के समीकरण और समग्र राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
*डॉ. शशांक कोइराला को सौंपी गई कमान*
पार्टी के संस्थापक नेता बीपी कोइराला के बेटे और पूर्व महासचिव **डॉ. शशांक कोइराला** को 14वें महाधिवेशन समर्थक (संस्थापन इतर) गुट ने अपना नेता चुना है।
* **राष्ट्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन:** आगामी 29 से 31 सावन (अगस्त) तक काठमांडू में होने वाले ‘राष्ट्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन’ के लिए शशांक कोइराला को 500 से अधिक सदस्यों वाली आयोजक समिति का संयोजक बनाया गया है।
* **सर्वसम्मत फैसला:** पूर्व उपाध्यक्ष विमलेंद्र निधि ने स्पष्ट किया कि गुट के सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से शशांक कोइराला को नेतृत्व सौंपा है, जो यह संदेश देता है कि उनके गुट में पूरी एकजुटता है।
**नई पार्टी के गठन की अटकलें**
नेताओं के अनुसार, यदि 29 सावन तक संस्थापन पक्ष (मुख्य गुट) के साथ सहमति नहीं बन पाती है, तो शशांक कोइराला के नेतृत्व में एक नई पार्टी पंजीकृत की जाएगी।
* **पार्टी का नाम और चिह्न:** चर्चा है कि नई पार्टी का नाम **’राष्ट्रीय कांग्रेस’** और चुनाव चिह्न **’शंख’** रखा जा सकता है।
* हालांकि, विमलेंद्र निधि ने कहा कि अभी तक नई पार्टी का गठन नहीं हुआ है और इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय सम्मेलन में ही लिया जाएगा।
**प्रेस कॉन्फ्रेंस: कौन रहा मौजूद, कौन नदारद?**
शनिवार को चुनदेवी स्थित संपर्क कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनीतिक, सांगठनिक और आर्थिक नीतियों सहित 16 समितियों के गठन की जानकारी दी गई।
* **उपस्थित नेता:** डॉ. शशांक कोइराला, विमलेंद्र निधि, प्रकाशमान सिंह, पूर्व महासचिव कृष्णप्रसाद सिटौला, एनपी साउद और मीन विश्वकर्मा।
* **अनुपस्थित नेता:** सभापति शेरबहादुर देउवा (विदेश में होने के कारण), निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का (बीमार होने के कारण) और नेता शेखर कोइराला (विराटनगर में होने के कारण)।
* **शेखर कोइराला का समर्थन:** शशांक कोइराला और विमलेंद्र निधि दोनों ने दावा किया कि शेखर कोइराला का इस अभियान को पूर्ण समर्थन प्राप्त है और उनसे लगातार बातचीत हो रही है।
**सभापति गगन थापा के लिए ‘अंतिम गोल्डन चांस’**
नेता शेखर कोइराला के करीबी केदार कार्की ने पार्टी की कमजोर होती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए एकता पर जोर दिया।
* उनका मानना है कि वर्तमान में सरकार के साथ संबंध और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव दोनों मोर्चों पर कांग्रेस कमजोर हुई है।
* कार्की ने सीधे तौर पर कहा, **”सभापति गगन थापा के लिए पार्टी को एकजुट करने का यह अंतिम गोल्डन चांस (सुनहरा अवसर) है।”**
* उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि परिस्थितियां मजबूर करती हैं, तो नेता विभाजन का कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य और विश्लेषकों की राय
डॉ. शशांक कोइराला द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नेतृत्व स्तर से एकता की कोई सार्थक पहल न होने के कारण कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों में बढ़ रही निराशा को दूर करने के लिए यह सम्मेलन बुलाया गया है।
विश्लेषक का दृष्टिकोण:
राजनीतिक विश्लेषक **गेजा शर्मा वाग्ले** का मानना है कि बीपी कोइराला के स्मृति दिवस पर समानांतर कार्यक्रम आयोजित होना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक रूप से बंट चुकी है। वाग्ले ने चेतावनी देते हुए कहा है कि पार्टी को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय *आत्म-चिंतन और आत्म-समीक्षा* करने की आवश्यकता है, अन्यथा जनता और कार्यकर्ताओं में निराशा और बढ़ेगी।

