संसद् विघटन लोकतन्त्र के हित में नहीं है, प्रतिवाद करेंः डा. भट्टराई

काठमांडू, २० दिसम्बर । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि संसद् विघटन लोकतन्त्र के हित में नहीं है, इसके विरुद्ध प्रतिवाद होना चाहिए । डा. भट्टराई को मानना है कि प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने संविधान के मर्म विपरित संसद् विघटन के लिए सिफारिश किया है ।
डा. भट्टराई ने कहा है– ‘देश में राजनीतिक स्थिरता को कायम रखने के लिए प्रतिनिधिसभा का कार्यकाल ५ साल के तय है । उसके विपरित प्रधानमन्त्री संसद् विघटन का प्रस्ताव राष्ट्रपति समक्ष पेश किया है, यह अत्यन्त दुःखद है ।’

