Sat. Oct 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी संविधान की गरिमा के अनुसार काम नहीं कर पाईं : पूर्व राष्ट्रपति यादव

 

काठमांडू।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ राम बरन यादव ने टिप्पणी की है कि राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी संविधान की गरिमा के अनुसार काम नहीं कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति भंडारी और प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा प्रतिनिधि सभा को भंग करने के कदम से हैरान हैं।

पूर्व राष्ट्रपति यादव ने सोमवार को त्रिभुवन विश्वविद्यालय के 46 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “देश ने राष्ट्रपति की संस्था पर भी सवाल उठाया है। यह संस्थान देश का संरक्षक है।” वह अपनी भूमिका में असफल रही हैं। ‘

यह भी पढें   विराटनगर में महाराजा अग्रसेन की 5150 वी जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम

उन्होंने  संसद को भंग करने के लिए सरकार की सिफारिश और इस पर अध्यक्षता करने के राष्ट्रपति के फैसले को राजनीतिक, संवैधानिक और नैतिक रूप से असंगत बताया । यादव ने कहा, “जिस संगठन को नेपाली नागरिक ने आशीर्वाद देकर यहाँ पहुँचाया है, उसके बारे में मैंने पहले कभी कोई टिप्पणी नहीं की है पर मैं आज बड़े सदमे के साथ यह कह रहा हूं।”

उन्होंने कहा कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आना चाहिए। उन्होंने कहा, “विनम्र अनुरोध है कि सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।”

यह भी पढें   नेपाल का विदेशी मुद्रा भंडार 40.65 खरब रुपये के पार, 20.9 महीने के वस्तु आयात के लिए पर्याप्त

उन्होंने कहा कि वो  शिक्षा के क्षेत्र में अति-व्यावसायीकरण और बढ़ते पार्टी प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राजनीतिक सोच और प्रतिबद्धता में कमी आई है ।

उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य को गरीब, पिछड़े वर्गों, समुदायों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को शैक्षिक अवसर प्रदान करने में विफल नहीं होना चाहिए। उन्हें पर्याप्त छात्रवृत्ति दिए जाने की आवश्यकता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com