संसद् बिघटन संबंधी विषय में कांग्रेस में विवाद, नेता पौडेल सभापति देउवा विरुद्ध आक्रामक

काठमांडू, १ जनवरी । संसद् बिघटन संबंधी घटना को लेकर प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के शीर्ष नेता विभाजित दिखाई देने लगे हैं । पार्टी सभापति शेरबहादुर देउवा प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के पक्षधर दिखाई देते हैं और कह रहे हैं कि सर्वोच्च का निर्णय प्रतिक्षा करना चाहिए और चुनाअवी तैयारी के साथ आगे बढ़ना होगा । सभापति देउवा ने यह भी कहा है कि आन्दोलन से सर्वोच्च का निर्णय प्रभावित भी नहीं होना चाहिए । लेकिन वरिष्ठ नेता रामचन्द्र पौडेल पक्षधर नेताओं का कहना है कि संसद् बिघटन विरुद्ध सशक्त आन्दोलन शुरु करना चाहिए ।
ऐसी ही अवस्था में बिहिबार पोखरा में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेता पौडेल ने पार्टी सभापति देउवा के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया है । उनका कहना है कि संसद् बिघटन के पक्षधर होकर सभापति देउवा जो अभिव्यक्ति दे रहे हैं, इसका परिणाम अप्रिय भी हो सकता है । उनका मानना है कि निर्वाचन में जाने से कांग्रेस को फायदा होनेवाला है, इसकी कोई भी ग्यारेन्टी भी नहीं है । नेता पौडेल को मानना है कि वर्तमान अवस्था में संसद् बिघटन को स्वीकार करने से लोकतन्त्र कमजोर होने की संभावना है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेता पौडेल ने कहा– ‘प्रतिनिधिसभा पुनस्र्थापना आज की आवश्यकता है, इसमें कोई भी विरोधाभाष नहीं है । चुनाव होने की परिस्थिति भी नहीं है, चुनाव कराने की मनसाय में भी प्रधानमन्त्री नहीं हैं । अगर संसद् पुनस्र्थापना होता है तो नेपाल बिग्रह से बचत सकता है और शक्ति केन्द्र बनने से भी बच जाता है ।’ नेता पौडेल को मानना है कि अगर ओली पक्षधर होकर चुनाव के पक्ष में वकालत करते हैं तो वह आत्मघाती हो सकती है । इसके लिए उन्होंने पार्टी सभापति देउवा को सचते रहने के लिए आग्रह किया ।

