संसद् बिघटन के विरुद्ध आन्दोलन करनेवाले संविधान और देश विरोधी हैंः प्रधानमन्त्री

काठमांडू, २४ जनवरी । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने दावा किया है कि संसद् बिघटन विरुद्ध आन्दोलन करनेवाले संविधान और देश विरोधी हैं । अपाङ्गता से पीडित व्यक्तियों के साथ आइतबार आयोजित साक्षात्कार कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा दावा किया है । प्रधानमन्त्री ओली का कहना है कि देश में स्थिरता के लिए ही उन्होंने संसद् बिघटन कर ताजा जनादेश के लिए चुनाव में जाने का निर्णय लिया है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘कुछ लोग चिल्लाते हैं कि संसद् बिघटन असंवैधानिक है, अलोकतान्त्रिक है । लेकिन इसरह चिल्लानेवाले व्यक्ति ही संविधान विरोधी, देश विरोधी और जनविरोधी हैं ।’ प्रधानमन्त्री को कहना है कि सत्ता में बने रहने के लिए उन्होंने कोई भी चालबाजी नहीं की है, नयां सरकार बनाने के लिए ही चुनाव का घोषणा हुआ है ।
आगामी चुनाव में देश हित के विपरित काम करनेवालों को पराजित करने के लिए आग्रह करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने प्रश्न किया– ‘अगर मैंने सत्ता अपने हाथ में लिया होता तो वह तानाशाही कदम होता था, लेकिन मैंने तो जनता के बीच में जाने का निर्णय लिया है, ऐसी अवस्था में मैं कैसे तानाशाह बन गया ?’

