उत्तराखंड चमोली हादसा : रात में भी राहत अभियान रहेगा जारी ,ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह
चमोली जिले में ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
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इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के मरने की आशंका है, जबकि 10 के शव बरामद किए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। सीएम ने चमोली जिले में पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र तपोवन और रैणी का निरीक्षण किया और सभी को दिशा-निर्देश दिए, जिसके बाद वे दून के लिए रवाना हो गए हैं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की। उन्होंने राज्य को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को मदद करने के लिए कहा। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा अबतक सात लोगों के शव बरामद हो चुके हैं और 170 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से पुराने वीडियो शेयर न करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने मदद के लिए एक मोबाइल नंबर भी जारी किया है।आईटीबीपी के जनसंपर्क अधिकारी विवेक पांडे ने बताया कि अब हम दूसरी सुरंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो कि सुरंग नंबर एक है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार यहां लगभग 30 लोग वहां फंसे हुए हैं। हम रात का ऑपरेशन भी करेंगे। हमारी टीमें पहले से ही काम पर लगी हैं और उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द ही बाहर निकाल लेंगे।



