कभी पूछा नहीं जाता है : बसन्त लोहनी
कभी पूछा नहीं जाता है
आप पूछती रहती हैं
लेकिन मैं कैसे कहूं
उन बातों को
जो महसूस किया जाता है
अगर मैं कह दूं तो
दिल के परिंदे उड़ जाएंगे
खाली खाली दिल से
मैं कैसे जीता रहूंगा
वही भाव, वही अनुराग
जो अल्फ़ाज़ में नहीं उतरते
धड़कनों के सहारे
धड़कनों की आवाज में
आपके दिल से गुजरते
आप मुझसे पूछ रही हैं
लेकिन मैं कभी पूछूंगा नहीं आपसे
कैसे पूछूं उस भाव को
जो महसूस किया जाता है
कभी पूछा नहीं जाता है



