एमाले में ओली ने किया जबरजस्त निर्णय, पार्टी महासचिव के अलवा सभी पदाधिकारी खारीज

काठमांडू, १२ मार्च । नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपीशर्मा ओली ने पार्टी महासचिव के अलवा सभी पदाधिकारियों का पद खारीज किया है, जो एमाले के भीतर एक जरबरजस्त निर्णय के रुप में दिखा जा रहा है । वि.सं. २०७१ साल में पार्टी की नवें महाधिवेशन से पार्टी अध्यक्ष में ओली निर्वाचित हुए थे । उसी समय उपाध्यक्ष, उप–महासचिव, सचिव जैसे पदों में पार्टी के कुछ नेतागण भी निर्वाचित हुए थे ।
लेकिन आज उन्होंने पार्टी महासचिव के अलवा सभी पद को खारीज किया है । उस समय उपाध्यक्ष में विद्या भण्डारी, बामदेव गौतम, युवराज ज्ञवाली, अष्टलक्ष्मी शाक्य और भीम रावल निर्वाचित हुए थे । इसीतरह महासचिव में ईश्वर पोखरेल, उप–महासचिव में विष्णु पौडेल और घनश्याम भुसाल, सचिव में पृथ्वीसुब्बा गुरुङ, प्रदीप ज्ञवाली, भीम आचार्य, योगेश भट्टराई र्आर गोकर्ण विष्ट निर्वाचित हुए थे । अब पार्टी में सिर्फ महासचिव ईश्वर पोखरेल का पद बचा है ।
स्मरणीय बात तो यह भी है कि तत्कालीन एमाले और माओवादी केन्द्र बीच एकता होने के बाद माओवादी के पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड अध्यक्ष और एमाले के नेता विष्णु पौडेल महासचिव बन गए थे । साथ में पार्टी बामदेव गौतम को उपाध्यक्ष मनोनित किया गया था । जब सर्वोच्च अदालत के निर्णय के कारण पुनः एमाले और माओवादी अस्तित्व में आया तो कानूनतः तत्कालीन उमाले के सभी पदाधिकारियों का पद भी अस्तितव में आया था ।
प्रधानमन्त्री ओली ने माओवादी केन्द्र से एमाले में आए रामबहादुर थापा को वाग्मती प्रदेश का इन्चार्ज भी बनाया है । इस्मरणीय बात यह है कि इससे पहले बागमती प्रदेश के लिए अष्टलक्ष्मी शाक्य इन्चार्ज थी, शाक्य माधव नेपाल समूह के हैं ।

