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होली 2021 में बन रहे है तीन विशेष योग कैसे रहेंगे 12 राशियों के रंग इस होली

 

रंगों का महापर्व होली, भारत और नेपाल के सभी प्रान्तों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । प्राचीन साहित्य एवं वैदिककालिन ग्रन्थों में भी होली पर्व का जिक्र मिलता है । हिन्दूओं के नूतन सम्वत्सर के आगमन के दौरान यह पर्व मनाया जाता है । फाल्गुन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि पर होली महापर्व मनाने का वर्णन हमें पौराणिक ग्रन्थों में भी मिलता है । यजुर्वेद में इसे “यवग्रयण” यज्ञ के नाम से सम्बोधित किया गया है । प्राचीन काल में इस पर्व के आसपास दिनों में अधपके अन्न का होम ( यज्ञ) करने का स्पष्ट विधान मिलता है । दरासल होली , बसन्त की पूर्णता को दर्शाने का द्योतक है ।

● वर्ष 2021 में बन रहे है तीन विशेष योग

इस वर्ष होली पर सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग एवं ध्रुव योग की विशेषता रहेगी । ये योग लगभग 500 वर्षों के पश्चात बन रहे है । बता दे कि पूर्व में हुबहु इस तरह का दुर्लभ संयोग 3 मार्च सन 1521 में बना था। इससे उम्मीद ये की जा रही है की इस संयोग के कारण होली का महापर्व सबके जीवन में खुशियों की बहार लेकर आएगा।

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● बनेगा ध्रुव योग, सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग

ज्योतिष में रुचि लेने वाले लोगों के लिए हम यहां बताना आवश्यक समझ रहे है कि आखिर ध्रुव योग की स्थिति बनती कैसे है ? दरासल ध्रुव योग की स्थिति तब बनती है जब मन का कारक चन्द्र भचक्र की कन्या राशि में गोचर करता है और बता दें कि मकर राशि में इस स्थिति के चलते बृहस्पति विराजमान हो जाते है , इसी स्थिति के चलते सूर्य एवं शुक्र ग्रह मीन राशि में आ जाते है और राहु ग्रह और मंगल ग्रह वृष राशि में रहते है । इसी स्थिति के चलते बुध ग्रह कुम्भ राशि में एवं केतु वृश्चिक राशि में आ जाते है तब यह दुर्लभ ध्रुव योग की स्थिति बनती है ।

● नहीं होगा भद्रा का साया , जब होगा होलिका दहन

वर्ष 2021 में होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा । बता दें कि इस अवसर पर भद्रा का बिल्कुल भी साया नहीं रहेगा । भारतीय ज्योतिष की पंचांगों के अनुसार भद्रा की पूंछ 28 मार्च की प्रातः 10:11 मिनट से लेकर 11:14 मिनट तक रहेगी । वहीं भद्रा मुख इसके तुरंत बाद 11: 14 से 12:58 मिनट तक रहेगा। भद्रा इस वर्ष दोपहर के समय तक ही रहेगी । इस कारण जब सायं काल को होलिका दहन किया जाएगा तब भद्रा का लेश मात्र भी प्रभाव नहीं रहेगा ।

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पूर्णिमा तिथि का आरंभ – 28 मार्च 2021 – 03:25 मिनट से 29 मार्च 2021 – को दोपहर 12:15 पर पूर्णिमा तिथि का समाप्ति काल रहेगा ।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 28 मार्च को सायं 06:35 से रात्रि 08:54 तक रहेगा, जिसकी पुर्णतः समय अवधि काल 02 घण्टे 19 मिंनट तक है ।

● आइए जानते है 12 राशियों के लिए होली का कौन सा रंग शुभकारक रहेगा ।

मेष राशि -: मेष राशि के जातकों के लिए लाल एवं गहरा गुलाबी रंग का प्रयोग करना शुभकारक रहेगा ।

वृष राशि :- वृष राशि के जातकों को सफेद रंग का प्रयोग करना शुभकारक रहेगा ।

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मिथुन राशि :- मिथुन राशि के जातकों को पिला रंग एवं हल्का हरा रंग शुभकारक रहेगा ।

कर्क राशि :- कर्क राशि के जातकों को हल्का नीला एवं गुलाबी रंग का प्रयोग करना चाहिए ।

सिंह राशि :- सिंह राशि के जातकों भगवा रंग एवं गहरा पिला रंग शुभकारक रहेगा।

कन्या राशि :- कन्या राशि के जातकों को इस होली हल्का हरा रंग शुभकारक रहेगा।

तुला राशि :- तुला राशि के जातकों के ल‍िए हल्का सफेद और गहरा पीला रंग शुभ है।

वृश्चिक राशि :- वृश्चिक राशि के जातकों को लाल और गुलाबी रंग का प्रयोग करना चाह‍िए।

धनु राशि:- धनु राश‍ि के जातकों को इस होली गुलाबी और पीले रंग से होली खेलनी चाह‍िए

मकर राशि :-मकर राशि के जातकों को इस होली पर हल्का नीले और हरे रंग का प्रयोग करना चाह‍िए।

कुम्भ राशि :- कुंभ राशि के जातकों का शुभ रंग भी नीला है।

मीन राशि :- मीन राश‍ि के जातकों को इस होली पर पीले और गहरे लाल रंग का प्रयोग करना होगा।

राज शर्मा ( ज्योतिष्कार एवं संस्कृति संरक्षक हि० प्र० )
आनी कुल्लू हिमाचल प्रदेश
Mob 9817819789

 

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