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चाइनीज दबाव पर विना प्रमाणिक दस्तावेज का ही सरकार चाइनीज खोप ला रही है

 

कठमांडू: नेपाल सरकार ने चीन द्वारा प्रदान किये गये  COVID-19 वैक्सीन का ८००,००० खोप  चार्टर्ड फ्लाइट के जरिये अत्यधिक खर्च में नेपाल लाने की तैयारी कर रही है |

नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (एन.ए.सी.) के अनुसार चीन द्दावारा प्रदान किए गए COVID-19 वैक्सीन की परिवहन लागत कुल २१,८१०,३०० रूपये लग सकते हैं |  |   21,810,300 रुपये तक पहुंच जाएगी।

स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने कहा है कि सरकार COVID-19 वैक्सीन लाने के लिए एक विशेष एयरबस को किराए पर लेरही है, क्योंकि चीन सरकार ने इसे यात्री विमान पर परिवहन करने की अनुमति नहीं दी है।

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सिनोपार्म कंपनी द्वारा निर्मित COVID-19 वैक्सीन में माल ढुलाई के लिए NAC का एयरबस सोमवार को चीन के लिए उड़ान भरेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ जागेश्वर गौतम का कहना है कि सरकार खुद से परिवहन लागत वहन करके साइनोफार्मा वैक्सीन का परिवहन करेगी।

हम आपको बतादें  कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अभी तक चीन निर्मित सिनोफर्म कोविद -19 वैक्सीन  (China-manufactured Sinopharm COVID-19 vaccine) को पब्लिक में प्रयोग के लिए मंजूरी नहीं दी है | लेकिन इसे बिना किसी ​​परीक्षण के दस्तावेज के ही नेपाल लाया जा रहा है।

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डब्ल्यूएचओ की मंजूरी से पहले इसकी सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर डॉ गौतन ने कहा, “एस्ट्राज़ेनका कोविशिल्ड को भी शुरुआत में केवल आपातकाल के लिए अनुमति दी गई थी, बाद में इसे मंजूरी दे दी गई थी। सरकार आपातकालीन उपयोग के लिए साइनोफार्मा वैक्सीन ला रही है। वर्तमान में इसका उपयोग दुनिया के 12 से 15 देशों में किया जा रहा है। ”

यह पता चला है कि चीनी दूतावास के भाड़ी दबाव  पर नेपाल सरकार चीन निर्मित COVID-19 वैक्सीन लानेको तैयार हो गई है।

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चीन ने कई अनुरोधों के बावजूद नेपाल को सिनोफर्म COVID-19 वैक्सीन का दानिक ​​परीक्षण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया है। इससे पहले भारत ने अपने खर्चे पर कोविशिल्ड वैक्सीन नेपाल पहुंचाई थी। जिसका लगभग १७ लाख खोप लग चूका है |

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