अपने पर विश्वास रखिए जिंदगी आपके कदम चूमेगी : अनीता गुप्ता

अनीता गुप्ता
मैं श्रीमती अनीता गुप्ता एक लेखिका हूं । संयुक्त परिवार में युवावस्था तक धर्मयुग, कादंबिनी आदि हिंदी साप्ताहिक या मासिक पत्रिकाओं के माध्यम से समाज को देखने समझने का अवसर निरंतर मिलता रहा ।
वर्ष १९७१ में विवाह उपरांत पारिवारिक दायित्व के निर्वहन के साथ महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, वृंदावन लाल शर्मा, भगवती चरण वर्मा, शिवानी आदि की कृतियों के माध्यम से जीवन के विविध आयामों की वास्तविकता से समय–समय पर न्याय उचित मार्गदर्शन मिला । जीवन की गोधूलि में अतीत की सामाजिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों और द्वंदो का अनुभव मैंने अपनी पुस्तकों में लिखना शुरू किया । आज मेरी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं ।
दो और आने वाले समय में प्रकाशित होने के लिए तैयार हैं । प्रकाशित पुस्तकों का नाम है कहानी संग्रह ‘मयूरपंख’ काव्य संगम ‘सर्जन’ कहानी संचयन ‘इंद्रधनुष’ ।
आज इस विश्व नारी दिवस पर आप सभी को मेरी शुभकामनाएं । समस्त महिलाओं से यही कहना चाहूंगी कि आप अपने पर विश्वास रखिए जिंदगी आपके कदम चूमेगी ।
मुरादाबाद, भारत

