वैशाख २७ गते संसद् अधिवेशन, प्रधानमन्त्री ले रहे हैं विश्वास का मत

काठमांडू, २ अप्रील । सरकार ने निर्णय किया है कि आगामी २७ गते संसद् अधिवेशन आह्वान किया जाएगा । आज आइतबार सम्पन्न मन्त्रिपरिषद् बैठक ने वैशाख २७ गते संसद् अधिवेशन आह्वान के लिए सिफारिश करने का निर्णय किया है । बैठक में प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि अधिवेशन में वह विश्वास का मत भी लेने जा रहे हैं । अपने ऊपर संसद् का विश्वास है या नहीं ? संवैधानिक प्रवाधान अनुसार प्रधानमन्त्री किसी भी समय संसद् का मत ले सकते हैं ।
स्मरणीय बात तो यह भी है कि माओवादी केन्द्र ने आज तक सरकार को दिया गया समर्थन औपचारिक रुप में वापस नहीं किया है । लेकिन माओवादी को कहना है कि वर्तमान सरकार के ऊपर विश्वास नहं है । समर्थन वापस ना होने के कारण प्राविधिक रुप में सरकार बहुमत में ही है । तब भी प्रधानमन्त्री ने विश्वास का मत लेने का निर्णय किया है ।
२७५ सदस्यीय प्रतिनिधिसभा में प्रधानमन्त्री पद में कायम रहने के लिए प्रधानमन्त्री को १३८ सांसदों का समर्थन आवश्यक है । संसद् में नेकपा एमाले के १२१ सिट है । इसीलिए प्रधानमन्त्री ओली को एकल पार्टी का बहुमत नहीं है, अपने पार्टी के भीतर रहे सभी सांसद् और अन्य किसी दलों की समर्थन आवश्यक है । संसद् में नेपाली कांग्रेस की ६३, माओवादी केन्द्र की ४९, जनता समाजवादी पार्टी की ३४, नेपाल मजदूर किसान, राष्ट्रीय जनमोर्चा, राप्रपा और स्वतन्त्र सांसदों की सिट संख्या १–१ है । इसमें से माओवादी केन्द्र की ४ पद मुक्त हैं, नेपाली कांग्रेस और जनता समाजवादी पार्टी की २–२ सांसद् निलंबित भी हैं ।

