प्रधानमन्त्री ओली स्वतः पद मुक्त

काठमांडू, १० मई । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली स्वतः पद मुक्त हो गए हैं । आज सोमबार आयोजित प्रतिनिधिसभा में प्रधामन्त्री ओली के पक्ष में सिर्फ ९३ सांसदों ने मतदान किया है । प्रधानमन्त्री कायम रहने के लिए उनको न्यूनतम १३६ मत प्राप्त होना चाहिए था । विश्वास का मत प्राप्त करने में असफल होने से संविधानतः प्रधानमन्त्री ओली स्वतः पद मुक्त हो गए हैं ।
आज आयोजित संसद् बैठक में कूल २३२ सांसद् उपस्थित थे । इसमें से ९३ सांसदों ने प्रधानमन्त्री के पक्ष में मतदान किया है और १२४ सांसदों ने विपक्ष में मतदान किया । बांकी १५ सांसद् तटस्थ रहे हैं । तटस्थ रहनेवाले सांसद् जनता समाजवादी पार्टी के महन्थ ठाकुर और राजेन्द्र महतो पक्षधर हैं । प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस, माओवादी केन्द्र, राष्ट्रीय जनता पार्टी के बाबुराम भट्टराई–उपेन्द्र यादव पक्ष और राष्ट्रीय जनमोर्चा ने प्रस्ताव के विपक्ष मैं मतदान किया है । प्रधानमन्त्री को मत देनेवाले ९३ सांसद् सत्ताधारी दल नेकपा एमाले के ही हैं । लेकिन एमाले के ही माधव नेपाल–झलनाथ खनाल पक्षधर सांसद् संसद् में अनुपस्थित हो गए थे ।
अब ओली के नेतृत्व वाली सरकार स्वतः ही कार्यवाहक बन गई है । अब राष्ट्रपति की ओर से नयां सरकार गठन के लिए आह्वान किया जाएगा ।

