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बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक के वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी

 

 

दुनियाभर में कोरोना के चलते जारी तबाही के बीच अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सोमवार (10 मई) को 12 से 15 साल के बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक के वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। एफडीए ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हमने 12-15 वर्ष के बच्चों में आपातकालीन उपयोग के लिए फाइजर-बायोएनटेक कोविड-19 वैक्सीन को अधिकृत किया है।

इधर,भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की 17 करोड़ खुराकें देकर भारत ने दुनिया में सबसे तेजी से टीकाकरण किया है। मंत्रालय ने कहा कि इस आंकड़े तक पहुंचने में चीन को 119 दिन जबकि अमेरिका को 115 दिन लगे। भारत ने 114 दिन में ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया।

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भारत में स्वास्थ्यकर्मियों को खुराकें देने के साथ 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। इसके बाद 2 फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों का टीकाकरण शुरू हुआ। इसके बाद अलग-अलग उम्र समूहों के लिए टीके देने की शुरुआत की गई।

देश में अब तक कोरोना रोधी टीके की 17 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। सोमवार की सुबह सात बजे तक अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक कुल 24,70,799 सत्र में 17,01,76,603 खुराकें दी गईं। इनमें से 95,47,102 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 64,71,385 को दूसरी खुराक दी गईं। वहीं, अग्रिम मोर्चे के 1,39,72,612 कर्मियों को पहली खुराक और 77,55,283 को दूसरी खुराक दी गई हैं। देश में 18-44 उम्र समूह में 20,31,854 लोगों को पहली खुराक दी गई है। जबकि, 45 से 60 वर्ष के समूह में 5,51,79,217 को पहली खुराक और 65,61,851 को दूसरी खुराक दी गई है।

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मनचाही वैक्सीन का विकल्प

इधर, भारत में बढ़ते मामलों के बीच अब लोगों को मनचाही वैक्सीन लगाने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए कोविन पोर्टल पर बदलाव किए गए हैं। इसी कड़ी में अब कोविन पर टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराने से पूर्व यह भी देखा जा सकेगा कि किस टीकाकरण केंद्र पर कौन सा टीका लग रहा है। साथ ही उम्र के हिसाब से टीकाकरण केंद्रों खोजने की सुविधा भी प्रदान की गई है। क्योंकि सभी केंद्रों में सभी उम्र के लोगों को टीके नहीं लगते हैं।

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45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण से पूर्व पंजीकरण की सलाह दी जाती है। जबकि 18-44 आयु वर्ग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। कोविन पर पंजीकरण कराने के बाद टीकाकरण केंद्र के चयन की सुविधा दी गई है। इस दौरान पोर्टल पर यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि किस केंद्र पर कोविशील्ड लग रही है और कहां पर कोवैक्सीन।

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