सदभावना और कोटिल्य एक हुये,बैद्य की बात मानीजाय तो कभी निर्वाचन नही होगा ।
काठमाडू, १८ असार । राजेन्द्र महतो वाली सदभावना पार्टी और कौटिल्य शर्मा वाली संयूक्त जनतान्त्रिक तराई मुक्ती मोर्चा के वीच एकीकरण हो गया है ।
आदीबासी मधेसी, दलित और पिछडे वर्ग को शान्तिपूर्ण आन्दोलन करके अधिकार सम्पन्न बनाने के संकल्प के साथ दोनो पार्टी के वीच विलय हुइ है ।
मोर्चा के संरक्षक शर्मा को सदभावना पार्टी के भातृ संगठन रक्षा बाहिनी का नेतृत्व और संयोजक रविदत्त मिश्र सहित अन्य नेताओं को केन्द्रीय समिति मे स्थान दिया जयेगा ।
एक पत्रकार सम्मेलन मे सदभावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि अगर बैद्यसमूह की बात मानी जाय तो देश मे निर्वाचन कभी नही होगा । बैद्यसमूह सरकार परिर्वत्तन की माँग कर रहें हैं ।
उन्होने अगहन ४ गते किसी भी हालत मे संविधानसभा का निर्वाचन कराने पर जोड देते हुये कहा कि अगर ऐसा नही हुआ तो देश दुसरा ही संकट मे पंस जायेगा । उन्होने कहा कि सभी को सन्तुष्ट नही कराया जा सकता है अगर बैद्य चुनाव मे नही भी आये तो उससे कोइ फरक नही पडेगा ।
उन्होने कहा कि निर्वाचन सरकार करायेगी । संविधान सरकार नही दलों व्दारा बनेगी । इसलिये जनता पर अगर विश्वास है तो उन्हे निर्वाचन मे आने से नही डरना चहिये ।
पार्टी एकीकरण से देश को शान्तिपूर्ण तरिका से निकास खोजने का सन्देश मिलने की बात उल्लेख करते हुये उन्होने कहा कि अपने संगठन क्रान्तिकारी बनाते हुये और भी पार्टी के साथ एकीकरण करके उनकी पार्टी आगे बढेगी । उन्होने कहा कि तमलोपा सहित और भी पार्टी के साथ मध्यस्त कर्ताओं व्दारा पार्टी एकीकरण के लिये पहल की जा रही है ।
मोर्चा के संरक्षक शर्मा ने बताया कि ले पछले बहरा सरकार को सुनाने के लिये वे लोग हतियार उठाये थै लेकि अब परिस्थिति बदलने के कारन शान्तिपूर्ण तरिका से अधिकार प्राप्ती के लिये संघर्ष होने के कारन ही यह एकीकरण हुआ है । उन्होने कहा कि इस एकीकरण से मधेस मे नयाँ क्रान्तिकारी पार्टि गठन की प्रक्रिया प्रारम्भ हुइ है ।पत्रकार सम्मेलन रिपोर्टर कल्व मे किया गया था ।

