“दैनिक जीवन में रचनात्मकता” विषय पर रघु राय व्दारा सम्बोधन
बीपी कोईराला भारत नेपाल फाउंडेशन तथा भारतीय दूतावास व्दारा काठमांडू के नेपाल भारत पुस्तकालय में शुक्रवार को एक टौक प्रोग्राम का आयोजन किया । इसके प्रमुख आर्कषण अनुभवी भारतीय फोटोग्राफर श्री रघु राय थे । ऊन्होने “दैनिक जीवन में रचनात्मकता” विषय पर अपनी आवाजे वुलन्द की ।
इस अवसर पर बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन के सचिव श्री अभय कुमार ने दर्शकों का स्वागत करते हुये श्री रघु राय और उनके व्दारा किया गया काम का प्रकाश डालते हुये समारोह का शुरुआत कीया ।
रघु राय ने “दैनिक जीवन में रचनात्मकता” विषय पर बातचीत को शुरूआत करते हुये कहा कि अपने जीवन और कैरियर, अपने सपनों और आकांक्षाओं, अपने सोचाइ और सांस्कृतिक मूल्यों को एक साथ लेकर आगे बढने की जरुरत है । उन्होंने कहा कि भौगोलिक, सांस्कृतिक और अन्य मतभेदों के बावजूद हर फोटोग्राफर या एक फोटो पत्रकार जब वे शूट करने के लिए अपने मैदान पर होतें हैं तो आध्यात्मिक रुप से खुद को एक दुसरे से जोडने का कोशिस करना चहिये ।
“तस्वीर लेनेवाला या वह जो खुद को एक फोटोग्राफर कहता है वह सीमा,समय क्षेत्र या भूगोल में खुद को सीमित नहीं कर सकता हैं,” रघु राय ने एक फोटोग्राफर के रूप में 1965 में अपना कैरियर शुरू किया और प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार के प्राप्तकर्ता है ।
समारोह के दौरान महामहिम राजदूत श्री जयंत प्रसाद ने कहा कि भारतीय मीडिया के लिए और बड़े पैमाने पर दुनिया के लिये भी रघु राय का योगदान बहुमुल्य है ।
रघु राय की कृतियों में से कुछ:
उन्होंने रघु राय की दिल्ली, सिख, कलकत्ता, खजुराहो, ताज महल, निर्वासन में तिब्बत, भारत, और मदर टेरेसा सहित 36 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन किया है । उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के प्राप्त किया है ।

