Sat. Aug 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पूर्व राजा का भ्रमण विशुद्ध धार्मिर्क हैं

 

तत्कालीन राजा ज्ञानेन्द शाह ने जब देश की शासन व्यवस्था अपने हाथ में लिया था, उस समय कमल थापा देश के गृहमन्त्री थे । थापा अभी राप्रपा नेपाल नामक पार्टर्ीीे अध्यक्ष हैं । देश गणतन्त्र में प्रवेश करने के बाद भी वे कह रहे हैं कि देश में राजासहित के प्रजातान्त्र आवश्यक है । और, इसके लिए थापा विविध राजनीतिक और धार्मिक अभियान भी सञ्चालन कर रहे है । इसलिए गणतन्त्रवादी राजनीतिक दल उनको राजावादी होने का आरोप लगाते हैं। तर्राई के विभिन्न जिला भ्रमण के क्रम में पर्ूव राजा ज्ञानेन्द्र शाह हेटौडा भी पहुँचे थे। उस समय राप्रपा नेपाल के अध्यक्ष थापा भी हेटौडा में ही थे। इसी क्रम में हिमालिनी के हेटौडा सम्वाददाता गोविन्द न्यौपाने ने देश के समसामयिक विषयों में थापा के साथ बातचीत की है ः-kamal thapa

० देश की राजनीतिक अवस्था ठीक नहीं है। ऐसी अवस्था में पर्ूव राजा देशव्यापी भ्रमण कर रहे हैं। हांलाकि वे कहते हैं- यह विशुद्ध धार्मिक भ्रमण है। लेकिन इस में विश्वास करनेवाले कम ही हैं। आप क्या कहते हैं, इस बारे में –
– पूर्व राजा का हरेक भ्रमण प्रायः धार्मिक ही होता है। उसी क्रम में वे यहाँ भी आए हैं। भारी वारिस के बावजूद बहुत बडÞी संख्या में लोग उनको सुनने आए हैं। इससे राजसंस्था के प्रति लोगों की आस्था झलकती है।
० धर्म निरपेक्षता के मामले में यह राजकीय भ्रमण घातक हो सकता है न –
– नेपाली जनता धर्मनिरपेक्षता चाहती ही नहीं है और इसकी आवश्यकता भी नहीं है। बाहरी शक्तियों के इशारे पर और उग्रवामपन्थियों के दबाव से र्’धर्मनिरपेक्षता’ लादी गई है। ऐसा करने से सनातन संस्कृति और सद्भाव के साथ खेलवाडÞ किया गया है। धार्मिक सहिष्णुता और हिन्दू राज्य सहित की राजसंस्था नेपाली जनता चाहती है।
० गणतन्त्र के आने पर भी हिन्दू राज्य रट लगाना क्या उचित होगा –
– देश में अभी गणतन्त्र वास्तविक रुप से नहीं आया है। इस अस्थायी गणतन्त्र के कारण जातीय विखण्डन हो रहा है। यह देश के लिए बहुत ही घातक है। इसीलिए राजा सहित का प्रजातन्त्र देश के लिए उपयुक्त होगा।
लेकिन राजा का भ्रमण तों सिर्फमन्दिरों में हुआ, मस्जीद और चर्च उपेक्षित नहीं हुए –
– राजा की दृष्टि में सभी समान है। लेकिन जहाँ-जहाँ से उन्हें निमन्त्रण प्राप्त हुआ, वे सिर्फवहीं गए। इस में कोई भेदभाव की बात नहीं आती।
० पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने राजतन्त्र के पक्ष में नाराबाजी नहीं करने को कहा है। लेकिन आप राजतन्त्र की आवश्यकता पर जोडÞ दे रहे हैं। ऐसा क्यों –
– अभी नेपाल को राजा सहित के प्रजातन्त्र की आवश्यकता है। इसीलिए इस बात पर जोडÞ दिया जा रहा है।
० लेकिन अकेली आप की पार्टर्ीीयों राजा को ढ रही है –
– राप्रपा नेपाल जनता की पार्टर्ीीै। इसीलिए हम जनता की आवाज को महत्त्व देते हैं। दूसरी बात शदियों पुरानी राजसंस्था को हम कैसे भूल सकते हैं –
० राष्ट्रीय स्तर पर आप की पार्टर्ीीी अवस्था क्या है –
– राप्रपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टर्ीीी है, जिसका प्रभाव देशव्यापी है। इस में कोई दो मत नहीं है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com