वीरेन्द्र प्रसाद मिश्र दो लाख नगद सहित प्रज्ञा पुरस्कार से पुरस्कृत
काठमांडू, १८ जुलाई । पूर्व निर्वाचन आयुक्त एवं नागरिक अगुवा प्रा.डा. वीरेन्द्र प्रसाद मिश्र ‘नेपाल प्रज्ञा समाजिकशास्त्र-संस्कृति-दर्शनशास्त्र पुरस्कार’ से पुरष्कृत हुए हैं । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान द्वारा जुलाई १४, २०२१ के दिन राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित ‘प्रज्ञालंकार, प्रज्ञा पुरस्कार तथा राष्ट्रीय कविता महोत्सव पुस्कार अर्पण समारोह’ कार्यक्रम में प्रा.डा. मिश्र को यह सम्मान दिया गया ।
प्रा.डा. मिश्र को दर्शनशास्त्र विषय में पाँच दशक से अधिक समय तक अध्ययन, अनुसंधान तथा प्राध्यापन के माध्यम से दर्शन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दो लाख नगद के साथ ‘नेपाल प्रज्ञा समाजिकशास्त्र/संस्कृति/दर्शनशास्त्र पुरस्कार’ मिला है । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के अनुसार ‘दर्शन पुरस्कार’ की पहली बार अलग से व्यवस्था कर प्रतिष्ठान ने मिश्र को पुरस्कृत किया है ।
इसतरह प्राप्त उक्त पुरस्कार राशि को अतिरिक्त रकम के साथ प्रा.डा. मिश्र ने पुनः प्रतिष्ठान को ही वापस किया है । मिश्र का कहना है कि दर्शनशास्त्र विषय के सम्बद्र्धन हेतु अक्षय कोष स्थापित हो सके, इसी उद्देश्य के साथ उक्त रकम को पुनः प्रतिष्ठान को ही हस्तारण कर दिया गया है । अक्षय कोष स्थापनार्थ प्रा.डा मिश्र से प्राप्त सद्भाव और सहयोग राशि के प्रति कुलपति गंगाप्रसाद उप्रेती ने उनको धन्यवाद दिया है ।



