कोविशील्ड का दिख रहा बेहतरीन असर
कोविशील्ड का टीका लेने वालों के लिए अच्छी खबर है. हाल ही में हुए एक अध्ययन के अंतरिम नतीजों के अनुसार, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का यह टीका लेने वालों के बीच ब्रेकथ्रू इंफेक्शन्स के मामलों में 93 फीसदी की कमी देखी गई है. इस स्टडी में भारतीय सशस्त्र बलों के 15.9 लाख स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हुए थे. कहा जा रहा है कि वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में हुईं बड़ी स्टडीज में यह भी शामिल है. ब्रेकथ्रू इंफेक्शन्स का मतलब है वैक्सिनेशन के बाद भी उसी बीमारी का शिकार हो जाना, जिससे बचने के लिए वैक्सीन ली गई है.
स्टडी में कहा गया है, ’15 लाख 95 हजार 6302 लोगों (औसत आयु 27.6 साल) के डेटा का 135 से ज्यादा दिनों तक विश्लेषण किया गया था. 30 मई तक 95.4% आंशिक और 82.2% पूरी तरह से टीकाकरण प्राप्त कर चुके थे.’ स्टडी के अनुसार, बगैर टीकाकरण कराए लोगों में ब्रेकथ्रू इंफेक्शन के 10 हजार 61 मामले देखे गए, जबकि आंशिक रूप से टीका लेने वालों में यह आंकड़ा 1 हजार 159 और पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों में 2 हजार 512 था. वहीं तीनों वर्गों में क्रमश: 37, 16 और 7 मौतें हुई. ‘संक्रमण के खिलाफ करेक्टेड वैक्सीन इफेक्टिवनेस 91.8-94.9 फीसदी थी.’
इस स्टडी में सशस्त्र बलों के स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था से लिए गए अज्ञात डेटा का इस्तेमाल किया गया था. कोविड-19 की निगरानी के लिए इस सिस्टम को और बेहतर बनाया गया था. सिस्टम में टीकाकरण, कोविड-19 संक्रमित होने की तारीख और कोविड संबंधी मौत का डेटा मौजूद था.
शोधकर्ताओं ने कहा कि पियर-रिव्यूड मेडिकल जर्नल आर्म्ड फोर्सेज इंडिया के विशेष अंक में प्रकाशित हुई (‘Covishield (AZD1222) Vaccine effectiveness among healthcare and frontline Workers of Indian Armed Forces: Interim results of VIN-WIN cohort study’) नाम से स्टडी का डेटा ब्रेकथ्रू इंफेक्शन और मौतों के खिलाफ टीकाकरण के बड़े फायदों की जानकारी देता है.

