टोक्यो ओलिंपिक* इतिहास रचने की बारी कमलप्रीत की
*टोक्यो ओलिंपिक* 2012 के बाद पहली बार कोई भारतीय महिला डिस्कस थ्रो के फाइनल में, कमलप्रीत कौर डिस्कस थ्रो के फाइनल में उतरेंगी। कमलप्रीत अगर मेडल जीतती हैं तो वह एथलेटिक्स में मेडल लाने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी।
टोक्यो ओलिंपिक के 11वें दिन भारत के पास महिला हॉकी के बाद अब एथलेटिक्स में भी इतिहास रचने का मौका है। कमलप्रीत कौर डिस्कस थ्रो के फाइनल में उतरेंगी। अगर वह जीतती हैं तो एथलेटिक्स में मेडल लाने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी। क्वालिफिकेशन राउंड में कमलप्रीत के प्रदर्शन को देखते हुए उनसे मेडल लाने की उम्मीद बढ़ गई है। उन्होंने 64 मीटर दूर चक्का फेंककर इतिहास रच दिया था।
इससे पहले, भारतीय महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। टीम पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में 3 बार की ओलिंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हरा दिया। भारत की गुरजीत कौर ने 22वें मिनट में गोल दागकर टीम को 1-0 की लीड दिलाई। यही गोल निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने डायरेक्ट फ्लिक से गोल किया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार ड्रैग फ्लिक से गोल गंवाया।
शूटिंग में भारत की उम्मीद खत्म हो गई है। 50 मीटर राइफल थ्री पोजीसन में ऐश्वर्य प्रताप सिंह और संजीव राजपूत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए। ऐश्वर्य प्रताप सिंह ट्रायल में 21वें स्थान और राजपूत 32वें स्थान पर रहे।


