बंधन नही अभिनन्दन है पवित्र पर्व रक्षाबंधन है : श्रीगोपाल नारसन
बंधन नही अभिनन्दन है
पवित्र पर्व रक्षाबंधन है
भाई बहन का प्रेम अमर
खुशियों भरा जीवन सफ़र
रक्षा करते है परमात्मा
सद्बुद्धि देते है परमात्मा
विकार छोड़ने का संकल्प करो
स्वयं को कुछ हल्का करो
आत्म स्वरूप में देखो सबको
आत्म स्वरूप में देखो खुद को
राजयोग का अभ्यास करो
सदा परमात्मा को याद करो
राखी संकल्पों की ध्योतक है
शुभ भावनाओ की पोषक है
बहन रहे सुख योग में सदा
भाई भी रहे निरोग सदा
खुशियों से आंगन भरा रहे
सतयुग सी महक आती रहे।
—श्रीगोपाल नारसन



