पार्टी विभाजन के वक्त तटस्थ और माधव नेपाल समूह में रहे नेतागण ओली निवास बालकोट में

काठमांडू, २३ अगस्त । नेकपा एमाले विभाजन होते वक्त तटस्थ रहनेवाले और माधव कुमार नेपाल समूह में रहे नेतागण ओली निवास बालुवाटार पहुँच गए हैं । ओली पक्ष के नेता सुवास नेम्वाङ और विष्णु पौडेल के पहल में वे लोग अन्ततः विचार–विमर्श के लिए आज सोमबार बालुवाटार पहुँचे हैं ।
प्राप्त सूचना अनुसार भीम रावल, युवराज ज्ञावली, सुरेन्द्र पाण्डे, गोकर्ण विष्ट, भीम आचार्य, रघुजी पन्त जैसे नेता बालकोट पहुँचे हैं । स्मरणीय है, उल्लेखित नेतागण नेपाल पक्षधर नेता के रुप में जाने जाते हैं । लेकिन जब माधव नेपाल ने निर्वाचन आयोग में एकीकृत समाजवादी पार्टी पंजीकरण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरु किया, तब वे लोग ओली समूह से निकट होते जा रहे हैं । बताया जाता है कि आज के दिन ओली पक्षधर नेता के रुप में जानेजानेवाले बहुसंख्य नेता नेपाल समूह को छोड़कर ओली समूह में प्रवेश करनेवाले हैं ।
वैसे तो विभाजन के वक्त तटस्थ रनेवाले (तीसरे धार के नेतागण) और माधव नेपाल समूह में रहते हुए भी पार्टी एकता के लिए प्रयास करनेवाले नेताओं का कहना है कि एमाले को एकताबद्ध करना ही होगा, इसके लिए १० सूत्रीय सम्झौता कार्यन्वयन न्यूनतम शर्त है । इसके लिए उन लोगों पार्टी अध्यक्ष केपीशर्मा ओली को भी दबाव दिया है । पिछली बार उन लोगों ने पार्टी अध्यक्ष ओली से कहा है कि माधव नेपाल सहित १४ सांसदों के के ऊपर की गई कारवाही वापस करना होगा । इसतरह नयां पार्टी पंजीकृत करण के लिए जो प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, उसको रोकने के लिए माधव नेपाल को भी आग्रह किया जा रहा है ।

