हिंदी तु है राष्ट्र के भाल की बिंदी : बिम्मी शर्मा
हिंदी तु है राष्ट्र के भाल की बिंदी,
तु ने ही मां की तरह संभाला,
और तुतला कर चलना सिखाया,
तेरा ही हाथ पकड कर हम
चलते रहे शब्दों के जंगल में,
हर पीडा को तुझे ही साथी
बना कर अभिव्यक्त करते रहे
खुद को पन्ने पर,
तु ने दिया साथ एक दोस्त की तरह,
शब्दों का परचम फैलाए हम
तेरे ही खजाने से निकालते रहे
रत्न जैसे अनमोल शब्द,
तुने ही पूर्ण किया हमें
कभी कविता या कभी लेख बन कर,
तुं भाषाओं के आकाश पर,
टंगी ध्रुव तारे सी अटल है,
तुझ से है रौशन है भाषा साहित्य,
मेरे मन में उमडती घुमडती,
भावों को तुने ही दिया जीवन मंत्र,
तेरे ही कारण ईस जगत में खील
उठा है मेरा अस्तित्व,
हिंदी तु है तो हम है
और हमारी भाषा है समृद्ध,
हिंदी तुझ को कोटी कोटी नमन,
न मिटे तेरी शान,
न घटे तेरी आन 🙏🙏



