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नेपाल–चीन सीमा अध्ययन समिति हिल्सा पहुँच गई

 

काठमांडू, १६ सितम्बर । गृह मन्त्रालय के सह–सचिव जयप्रसाद आचार्य की संयोजकत्व में निर्मित नेपाल–चीन सीमा अध्ययन समिति हुम्ला जिला स्थित हिल्सा पहुँच गई है । नम्खा गांवपालिका स्थित लिमी–लाप्चा से लेकर हिल्सा तक की सीमा क्षेत्र अध्ययन के लिए गत भाद्र २७ गते आचार्य के नेतृत्व में एक टोली परिचालित हुई थी । प्राप्त सूचना अनुसार टोली लिमी–लाप्चा स्थित १२ नम्बर स्तम्भ को अध्ययन कर आज ही हुम्ला सदरमुकाम सिमिकोट आनेवाली है ।
अध्ययन टोली में संयोजक आचार्य के साथ सदस्यगण उमेशराज जोशी, किशोर श्रेष्ठ, प्रदीपकुमार पाल, सुशील डगौल, दयानन्द जोशी और कपिल कटुवाल हैं । साथ में नापी विभाग के साथ जुड़े हुए अन्य कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सहभागी हैं । नाम्खा गाउँपालिका– ६ के वडाध्यक्ष पाल्जोर तामाङ के अनुसार किटखोला स्थित ५ नम्बर सीमास्तम्भ को अध्ययन करने के लिए टोली हिल्सा की ओर गई है ।
नाम्खा गाउँपालिका वह क्षेत्र है, जिसकी सीमा चीन से जुड़ी हुई है । इसी क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करनेवाले नेपाली कांग्रेस के नेता तथा कर्णाली प्रदेश संसदीय दल के नेता जीवनबहादुर शाही ने दावा किया है कि यहां चीन की ओर से नेपाली भूमि अतिक्रमित हुई है । उनके अनुसार हुम्ला में चीन की ओर ६ जगहों में नेपाली भूमि अतिक्रमित होने की आशंका है । लेकिन भूमि अतिक्रण संबंधी विषयों में शाही की ओर से सार्वजनिक प्रतिवेदन को नेपाल स्थित चिनी दूतावास ने आधारहीन आरोप बताया है । उस समय चिनी राजदूतावास ने नेपाली कांग्रेस को एक पत्र लिकर आपत्ति प्रकट की थी ।
स्मरणीय है, जब वि.सं. २०७७ भाद्र महीना में हुम्ला जिला के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी दत्तराज हमाल स्थलगत भ्रमण में पहुँच गए, उसके बाद उन्होंने कहा कि हुम्ला में चीन की ओर से नेपाली भूमि अतिक्रमित हुई है । यही से यह विषय अधिक चर्चा–परिचर्चा में है ।

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