पद्म श्री साहित्य पुरस्कार केशव दाहाल के उपन्यास ‘मोक्षभूमि’ तथा पद्म श्री साधना सम्मान भक्तराज आचार्य को
काठमांडू।
वि सं 2077 का पद्म श्री साहित्य पुरस्कार केशव दाहाल के उपन्यास ‘मोक्षभूमि’ को और पद्म श्री साधना सम्मान भजन शिरोमणि भक्तराज आचार्य को दिया जाएगा।
यह फैसला खेमलाल हरिकाला लामिछाने सोशल वेलफेयर फाउंडेशन ने लिया है।
अपने उपन्यास मोक्षभूमि में, दहाल मध्ययुगीन सिंजा खस साम्राज्य में दासों की मुक्ति और दासता की कहानी को चित्रित करता है, जो लगभग सात सौ साल पुराना है।
इसी तरह, गायक और संगीतकार आचार्य ने 16 साल की छोटी सी अवधि में दर्जनों क्लासिक कृतियों का निर्माण किया है। कैंसर की वजह से जीभ कट जाने के बाद आचार्य का गायन का सफर पूरी तरह ठप हो गया है।
पद्म श्री साहित्य पुरस्कार और पद्म श्री साधना सम्मान दोनों तीन-तीन लाख रुपये के हैं।
वि.सं. 2063 के बाद से, फाउंडेशन हर साल उस पुस्तक को पद्म श्री साहित्य पुरस्कार प्रदान कर रहा है जिसे जूरी द्वारा पूरे वर्ष नेपाली साहित्य में प्रकाशित पुस्तकों में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। इसी प्रकार 2067 बी एस से साहित्य, कला, संगीत, अभिनय आदि के क्षेत्र में लंबी साधना करने वाले वरिष्ठ साधकों को पद्मश्री साधना सम्मान प्रदान किया जाता रहा है।
सम्मान और पुरस्कार दोनों हर साल कोजाग्रत पूर्णिमा के दिन दिए जाते हैं।

