परराष्ट्रमन्त्री का शपथ बदर करने के लिए मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत में रिट निवेदन

काठमांडू, २८ सितम्बर । परराष्ट्र मन्त्री नारायण खड्का द्वारा की गई पद तथा गोपनीयता की शपथ ग्रहण बदर करने के लिए मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत में रिट पंजीकृत की गई है । आज मंगलबार अधिवक्ता विशाल न्यौपाने ने यह रिट पंजीकृत की है । उनका कहना है कि आज के दिन शपथ सम्बन्धी संघीय कानुन नहीं है, ऐसी अवस्था में राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने उन को गैर कानूनी रुप में शपथ ग्रहण करवाया है ।
गत आश्वीन ६ गते खड्का को राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने पर राष्ट्रमन्त्री के रुप में पद तथा गोपनीयता का शपथ ग्रहण कराया था । स्मरणीय है, केपी शर्मा ओली नेतृत्व में रहे तत्कालीन सरकार द्वारा लाया गया है शपथ संबंधी अध्यादेश संसद् से अभी तक पास नहीं हुआ है और उक्त अध्यादेश आज के दिन निष्क्रिय अवस्था में है । इस तथ्य को मानते हैं तो वर्तमान अवस्था में देश में शपथ संबंधी संघीय कानून नहीं है । इसी आधार पर अधिवक्ता न्यौपाने ने परराष्ट्रमन्त्री खड्का की शपथ ग्रहण प्रति प्रश्न करते हुए सर्वोच्च अदालत में रिट पंजीकृत की है ।
अधिवक्ता न्यौपाने ने अपने रिट में प्रश्न किया है– ‘कौनसी संघीय कानून बमोजिम उनको नियुक्त किया गया है ?’ न्यौपाने अन्तरिम आदेश मांग करते हुए कहा है कि संविधान बमोजिम शपथ संबंधी कानून निर्माण कर पुनः शपथ ना होने तक पर राष्ट्रमन्त्री खड्का को कोई भी काम–कारवाही करने से प्रतिबंध किया जाए । इसके साथ–साथ शपथ संबंधी कानून निर्माण के लिए सरकार के नाम में परमादेश जारी करने के लिए भी उन्होंने सर्वोच्च अदालत से मांग किया है । सर्वोच्च अदालत ने इस रिट में सुनुवाई करने के लिए कल बुधबार के दिन पेशी तय किया है ।

