नेपाली मंत्रीमंडल के निर्णय के वाद भी दोनो देशों के वाहन आवागमन नहीं हो सका
कृप्या पहले इसे सुनिये—
जनकपुरधाम / मिश्री लाल मधुकर। सीमा खोलने की देउवा मंत्रीमंडल के निर्णय के बाद दोनों देशों के बीच खुशियाली छा गयी। सुवह होते होते जटही, भिट्ठामोड़ सहित अन्य बोर्डर पर दोनो देशो के वाहनों की लंबी कतार लग गयी। लोग भंसार कार्यालय पर एकत्र हो गए। कोई अपनी बूढी मां से सपरिवार मिलने की आशा लिए उस पल की इंतजार में थे तो कोई सपरिवार जानकी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। लेकिन भंसार कर्मचारी ने कह दिया कि अभी नेपाल सरकार का परिपत्र नहीं आया है। कमोबेश उगाहपोह की स्थिति भारत सीमा पर तैनात एस. एस. वी. के साथ भी था। वे भी अपने हेड कार्यालय से सूचना के इंतजार में थे। घंटो इंतजार के वाद जव सीमा नहीं खुली तो लोग मायूस होकर वापस लौटें। कईयों का वना सनेस (पकवान) पड़ोसियों का बांटना पड़ा। लोग तव से इंतजार में है कि कव वोर्डर खुलेगा। भिट्ठामोड़ में सरोवर रथ के बस काउन्टर सूना था। वस के इंचार्ज ने कहा कि भारत नेपाल सीमा होने से यात्री कम आ रहे है। भिट्ठामोड़ के अन्य व्यापारी भी मायूस दिखे। कोरोना को लेकर डेढ बर्ष से वोर्डर वंद होने से दूकान की विक्री कम होने से परिवार चलाने में कठिनाई हो रही है। वोर्डर वंद होने के वारे में पूछे जाने पर पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के नेता राजेंद्र महतो ने कहा है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रीमंडल ने पास कर दिया है। यह मधेशी के साथ ताजा धोखा है। इसमें भी भेदभाव नजर आ रही है। जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री उपेन्द्र यादव ने कहा की जव मंत्री मंडल ने पास कर दिया है वोर्डर खुलेगा ही हां! कछ समय और लग सकता है। इधर स्थानीय समाचार पत्रों में रौतहट तथा सर्लाही जिला में भारतीय वाहनों को भंसार शुल्क लेकर नेपाल प्रवेश की खवर धनुषा, महोतरी जिला सीमावर्ती भारतीय नागरिक में खुशी छा गयी थी लेकिन जनकपुरधाम के भंसार अधिकृत प्रमोद दास ने कहा है कि अभी तक कोई परिपत्र नहीं आया है। जटही सीमा से भारतीय वाहनों का आना वंद है।


