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बांग्लादेश के नोआखाली में इस्कॉन मंदिर और श्रद्धालुओं पर हिंसक हमला

 

बांग्लादेश में दुर्गा पंडालों पर हमले के बाद शुक्रवार को एक बार फिर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय और उनके प्रमुख धार्मिक स्थल को निशाना बनाया गया। नोआखाली में भीड़ ने इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भी पीटा। कई श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस्कॉन की ओर से एक ट्वीट में हमले की जानकारी देते हुए भयावह तस्वीरें जारी की गई हैं। ट्वीट में कहा गया है, ”बांग्लादेश के नोआखाली में आज इस्कॉन मंदिर और श्रद्धालुओं पर भीड़ ने हिंसक हमला किया। मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है और कई श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। हम बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने की मांग करते हैं।”

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इस्कॉन मंदिर में यह तोड़फोड़ ऐसे समय पर हुई जब इस सप्ताह बांग्लादेश में कई जगहों पर दुर्गा पंडालों पर हमले किए गए हैं, जिनमें कम से कम 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। कई पंडालों में दुर्गा की मूर्तियों को तोड़ डाला गया। इस बीच बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने दुर्गा पूजा के दौरान कमिला शहर में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कड़े ऐक्शन की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा को अंजाम देने वाले लोगों को खोज निकाला जाएगा और कड़ी सजा दी जाएगी।

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जमकर मचाया तांडव
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा समारोहों के दौरान कुछ अज्ञात मुस्लिम उपद्रवियों ने हिंदुओं के कुछ मंदिरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके चलते सरकार को 22 जिलों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी है। खबरों के अनुसार बुधवार को कमीला की सीमा से लगे चांदपुर के हाजीगंज उपजिले में पुलिस और मुस्लिम उपद्रवियों के बीच संघर्ष के दौरान तीन लोग मारे गए, वहीं एक अन्य शख्स की बाद में मौत हो गई। अधिकारियों ने हाजीगंज में रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है जहां अधिकारियों ने गोली लगने से चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की 16.9 करोड़ की आबादी में करीब 10 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। पिछले कुछ वर्षों में छिटपुट हिंसा की घटनाएं होती रही हैं, जिनमें से ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने से हुईं।

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