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आसाराम बापू गिरप्तार, घंटों चला लुका-छिपी का खेल

 

asaram-22इंदौर/जोधपुर. आसाराम बापू को लेकर जोधपुर पुलिस दिल्‍ली पहुंच गई है। आसाराम इंदौर से दिल्‍ली तक फ्लाइट में माला जपते रहे। आसाराम को दिल्‍ली से जोधपुर ले जाया जा रहा है, जहां उनसे पूछताछ का सिलसिला शुरू होगा। इससे पहले, पुलिस ने आसाराम को इंदौर आश्रम से शनिवार देर रात 12:30 बजे निकाला और 15 कारों के काफिले के साथ एयरपोर्ट ले गई। आसाराम को प्‍लेन के जरिये दिल्‍ली ले जाया गया। जोधपुर में सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी कर दी गई है। शहर में आरएसी की चार कंपनियां तैनात की गई हैं। आसाराम के जोधपुर स्थित आश्रम को खाली करा लिया गया है। जोधपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

रात में इंदौर आश्रम में घुसी पुलिस ने पहले आसाराम से पूछताछ शुरू की लेकिन आसाराम ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद उनका मेडिकल टेस्‍ट कराया जिससे साफ हो गया कि आसाराम बीमारी का बहाना बनाकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस आश्रम से लेकर बाहर निकली तो आसाराम ने अपना चेहरा ढंक लिया था। जोधपुर पुलिस ने जब आसाराम को इनोवा में बैठाया तो समर्थकों ने वहां हंगामा भी किया। लेकिन पुलिस नहीं मानी। गाड़ी में बीच में आसाराम मुंह ढंके हुए थे और दोनों तरफ दो पुलिस वाले बैठे थे।

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इसके पहले इंदौर कलेक्टर, डीआईजी और एसपी कुटिया में उनसे बात करते रहे। रात 8:30 बजे आसाराम प्रवचन की जिद की। पूरे प्रवचन में आरोपों पर सफाई देते रहे। कहा- मुझे यहां से चुपचाप ले जाने की साजिश है। लेकिन मैं आपके सामने ही जाऊंगा।

घंटों चला लुका-छिपी का खेल
asaram-5222ae14ca4d1इससे पहले आसाराम पुलिस से घंटों लुका छिपी का खेल खेलते रहे और बाद में उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए बीमारी का बहाना भी बनाया। लेकिन पुलिस ने मेडिकल जांच में उन्हें पूरी तरह स्वस्थ पाया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को आसाराम के सैकड़ों समर्थकों के भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा। पुलिस ने किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए थे।

गिरफ्तारी से पहले आसाराम अपनी कुटिया में आराम कर रहे थे। आश्रम के बाहर मीडिया का भी भारी जमावड़ा था। पुलिस 15 गाड़ियों के काफिले के साथ इनोवा कार में आसाराम को ले गई। आसाराम ने चेहरे को कपड़े से ढंक रखा था।
जोधपुर में पुलिस कमिश्नर बीजू जोसेफ ने बताया कि आसाराम को इंदौर से बाहर ले जाया गया है और उन्हें रविवार को जोधपुर लाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि आसाराम को रात में कहां रखा गया है।

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भोपाल से लेकर इंदौर तक तलाशी
इससे पहले पुलिस की टीमें शनिवार को दिनभर आसाराम को भोपाल से लेकर इंदौर तक तलाश करती रहीं। शुक्रवार रात जोधपुर पुलिस के भोपाल पहुंचने से पहले ही आसाराम अपने आश्रम से निकल गए थे।

उन्हें बेटे नारायण साई के साथ एक एसयूवी में देवास टोल नाका के सामने देखा गया। इसके बाद आसाराम का कोई अता पता शनिवार शाम तक नहीं चला। पुलिस का दबाव बढ़ता देख शाम को खुद नारायण साईं ने खुलासा किया कि आसाराम इंदौर के आश्रम में ही हैं।

वह पुलिस से भाग नहीं रहे हैं, बल्कि उनकी तबीयत खराब है। इसके बाद पुलिस ने इंदौर मेडिकल कालेज के डॉक्टरों से आसाराम की स्वास्थ्य जांच कराई, जिसमें उन्हें पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसके बाद भी आसाराम की ओर से पुलिस के सामने तरह तरह की शर्तें रखी गईं। कभी पुलिस से कहा गया कि 10 बजे तक ही पूछताछ करें और कभी बताया गया कि आसाराम प्रवचन कर रहे हैं।

लेकिन गिरफ्तारी से बचने की उनकी सभी कोशिशें नाकाम रहीं। इस बीच, शनिवार को आसाराम का प्रमुख सेवक शिवा भी जोधपुर पुलिस के सामने पेश हो गया। पुलिस हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

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भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित युवती के पिता ने अनशन तोड़ा
यौन शोषण के आरोपी आसाराम की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित लड़की के पिता ने आसाराम की गिरफ्तारी के बाद देर रात अपना अनशन तोड़ दिया है।

प्रशासन ने रुद्रपुर आश्रम में रविवार सुबह होने वाला सत्संग और साधकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले में धारा 144 लागू है। इससे पूर्व उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष समेत तमाम सामाजिक, राजनीतिक व्यापारिक संगठनों ने लड़की के पिता के आंदोलन को समर्थन दिया था।

क्या है मामला
शाहजहांपुर की रहने वाली 17 साल की किशोरी ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराते हुए आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उसने कहा था कि जोधपुर के आश्रम में आसाराम ने 15 अगस्त को उसके साथ दुष्कर्म किया।

जोधपुर पुलिस ने जांच में किशोरी के आरोपों को सही पाया था। पुलिस ने आसाराम को 30 अगस्त तक पूछताछ के लिए पेश होने का समन दिया था लेकिन वे पेश नहीं हुए।

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