माओवादी को गणतन्त्र विरोधी दिखाने के लिए ही ‘मधेशवादी’ दल निर्माण किया गयाः प्रचण्ड
‘केपी ओली समूह के कारण संविधान संशोधन नहीं हो पाया’

काठकांडू, २ दिसम्बर । एकीकृत नेकपा माओवादी के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने दावा किया है कि माओवादी को गणतन्त्र विरोधी दिखाने के लिए ही मधेशवादी दल निर्माण किया गया है । उन्होंने कहा कि तत्कालीन समय में प्रतिक्रियावादी शक्तियों के लिए माओवादी को कमजोर बनाना था, इसीलिए गणतन्त्र विरोधी दिखाने के लिए ही मधेशवादी दल निर्माण कर भ्रम सिजर्ना किया गया । आज बिहिबार पार्टी केन्द्रीय कार्यालय पेरिसडाँडा आयोजित पार्टी प्रवेश कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए अध्यक्ष प्रचण्ड ऐसा दावा किया है ।
प्रचण्ड को मानना है कि मधेशी, आदिवासी जनजाति के लिए लड़नेवाली एक मात्र पार्टी माओवादी है । उन्होंने आगे कहा– ‘उन लोगों की अधिकार एवं परिवर्तन रक्षा के लिए माओवादी ही सशक्त और जिम्मेवार पार्टी हो सकती है । माओवादी मजबूत होेने से ही आज प्राप्त उपलब्धी की रक्षा हो सकती है । अगर माओवादी कमजोर हो जाती है तो प्राप्त उपलब्धी भी कमजोर हो जाती है ।’ उनका यह भी मानना है कि राष्ट्रीय एकता के लिए माओवादी को मजबूत पार्टी के रुप में निर्माण करना होगा ।
इसीतरह उन्होंने यह भी दावा किया है कि नेकपा एमाले के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली तथा उनके समूह के कारण संविधान में आवश्यक संशोधन नहीं हो पाया है । अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा कि जब वे (प्रचण्ड) प्रधानमन्त्री थे, उस समय दो बार संविधान संशोधन के लिए प्रस्ताव लाया गया था । उन्होंने आगे कहा– ‘लकिन नेकपा एमाले के केपी ओली समूह के कारण उस समय संविधान में संशोधन नहीं हो पाया ।’ अध्यक्ष प्रचण्ड ने यह भी दावा किया है कि संघीयता विरोधी, गणतन्त्र विरोधी, समावेशिता विरोधी शक्तियों के कारण संविधान संशोधन में रुकावट पैदा की गई थी । अध्यक्ष प्रचण्ड ने दावा किया है कि आज फिर देशव्यापी रुप में माओवादी के प्रति आम जनता की आकर्षण बढने लगी है ।
कार्यक्रम में विभिन्न पार्टी परित्याग कर माओवादी प्रवेश करनेवालों को अध्यक्ष प्रचण्ड ने पार्टी में स्वागत किया । विशेषतः रौतहट जिला में क्रियाशील विभिन्न पार्टी के कार्यकर्ता माओवादी में प्रवेश किए हैं ।

