विवाह पंचमी महोत्सव के दुसरे दिन फूलवारी लीला आयोजित की गयी

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर सीताराम विवाह पंचमी महोत्सव के दुसरे दिन जानकी मंदिर के पुष्पवाटिका में फुलवारी मिलन अयोध्या से आये राम लीला मंडली के कलाकारों द्वारा आयोजित की गयी। तुलसी कृत रामायण के अनुसार राजा जनके के विनती स्वीकार कर महर्षि बाल्मीकि राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरधाम सीता स्वयंवर देखने के लिए आते है। दोनो भाई जनकपुरधाम नगर भ्रमण के वाद राजा जनक के कुल देवी गिरिजा स्थान (फूलहर) वाग तडाग पहुंचते है तथा बाग में तरह तरह केफूल को दोनो भाई देखते हैं। फूलो के देख लक्ष्मण तोड़ने का मन बनाते है ज्योंही लक्ष्मण फूल तोड़ने के लिए हाथ बढाते है वहां तैनात माली उसे डांटते हैं। इसी समय सीता भी अपनी सखियों के साथ बाग तडाग पहुंचती हैं। उसी फुववारी में सीता और राम एक दुसरे को देखते हैं। दोनो एक दूसरे को देखने में इतना खो जाते हैं की सीता की सखियाँ सीता जी को ध्यान हटाने की कोशिश करती हैं लेकिन वे टस से मस नहीं होती हैं। रामायण के अनुसार उसे समय सीता राम को मन ही मन ही जीवन साथी मानने के लिए गिरिजा माता की पूजा करती हैं। इस फूलवारी लीला में जानकी मंदिर के महन्त राम तपेश्वर दास बैष्णव, चन्द्र भूषण मिश्र(बाबा), असर्फी झा सहित धनुषा जिला के सी. डी. ओ., गुठी के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।





