“मकर सक्रांति ” : सुनीता राजगढ़िया
“मकर सक्रांति “
मकर राशि में होता है
सूर्य देवता का प्रवेश जब,
उत्तरायण होते हैं दिवाकर,
मनता है यह त्यौहार तब ।
अंधकार खत्म होकर,
उजाले की किरण जगती है ,
आज आसमान भी ,
रंग- बिरंगी पतंगों से सजती है ।
तिल के लड्डू और घेवर की,
मिठास मुँह में घुलती है,
खिचड़ी और दही चूड़ा से,
शुरुआत दिन की होती है ।
मकर सक्रांति जीवन में,
सभी के क्रांति नई लाए,
बढ़े ज्यो-ज्यो तेज सूरज का ,
खुशी और उमंग हर दिल में भर जाए ।
सभी को मकर सक्रांति की बहुत-बहुत शुभकामनाएं ।🪁🪁🪁



