मन्त्री यादव को तत्काल बर्खास्त करने की मांग

काठमांडू, २१ दिसम्बर । भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्री रेणु कुमारी यादव को तत्काल मन्त्री पद से बर्खास्त करने के लिए चारों ओर आवाज उठने लगी है । गत बुधबार रौतहट जिला में आयोजित एक कार्यक्रम में मन्त्री यादव द्वारा व्यक्त अभिव्यक्ति को लेकर राजनीतिक वृत्त में गर्माहट पैदा हो रही है । उक्त कार्यक्रम में मन्त्री यादव ने जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत को चेतावनी देते हुए कहा था कि वि.सं. २०६३ साल में हुए गौर हत्याकाण्ड पुनः हो सकता है ।
मन्त्री यादव की उक्त हिंसात्मक अभिव्यक्ति को लेकर स्वयम् जनमत पार्टी से लेकर प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेकपा एमाले तथा नागरिक समाज ने आपत्ति प्रकट करते हुए प्रधानमन्त्री से आग्रह किया है कि मन्त्री यादव को तत्काल बर्खास्त किया जाए । डा. केदानरनरसिंह केसी, चरण प्रसाईं, गणेशकुमार मण्डल, सुशील प्याकुरेल, तारानाथ दाहाल, इन्द्र अर्याल, महामुनीश्वर आचार्य और कनकमणि दीक्षित ने आज शुक्रबार संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि व्यक्ति हत्या और सामाजिक हिंसा संबंधी अभिव्यक्ति देनेवाले मन्त्री यादव को तत्काल बर्खास्त किया जाए ।
इसीतरह नेकपा एमाले के सचिव योगेश भट्टराई, नेता प्रदीप ज्ञावली ने भी प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा से आग्रह किया है कि मन्त्री यादव को तत्काल पद से बर्खास्त करना होगा । एमाले सचिव भट्टराई ने प्रधानमन्त्री देउवा को सम्बोधन करते हुए कहा है कि मन्त्री यादव को तत्काल बर्खास्त नहीं किया जाता है तो कहा जाए कि नेपाली कांग्रेस हिंसात्मक राजनीति को संरक्षण प्रदान करती है । इसीतरह एमाले नेता ज्ञावली ने भी कहा है कि इस विषय में सरकार की मौनता आश्चर्यजनक है ।
पता चला है कि प्रधानमन्त्री देउवा भी इस विषय को लेकर गम्भीर हैं । उन्होंने मन्त्री यादव संबंद्ध पार्टी जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव से आग्रह किया है कि मन्त्री रेणु कुमारी यादव को मन्त्री पद से वापस किया जाए, नहीं तो परिस्थिति असहज हो सकता है । प्राप्त सूचना अनुसार प्रधानमन्त्री ने यह भी कहा है कि अगर पार्टी खूद उनको वापस नहीं करेगी है तो प्रधानमन्त्री को जबरजस्त मन्त्री यादव को बर्खास्त करना पड़ेगा ।

