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भारत ने अब तक पबजी समेत 200 से ज्यादा चीनी ऐप को बैन किया

 

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भारत सरकार ने फ्री फायर समेत 54 चीनी ऐप बैन कर दिए हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया है. जून 2020 से अब तक भारत 200 से ज्यादा चीनी ऐप बैन कर चुका है.इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने जिन ऐप पर बैन लगाया है, उनमें चीन की दिग्गज टेक कंपनियों के ऐप भी शामिल हैं. इन कंपनियों में टेंसेंट, अलीबाबा और नेट ईज के नाम लिए जा सकते हैं. भारत सरकार के ताजा फैसले में जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें स्वीट सेल्फी एचडी, ब्यूटी कैमरा- सेल्फी कैमरा, इक्वेलाइजर एंड बास बूस्टर, कैमकार्ड फॉर सेल्सफोर्स एंट, आइसोलैंड2: एशेज ऑफ टाइम लाइट, विवा वीडियो एडिटर, टेंसेंट एक्सरीवर, ऑनम्योजी चेस, ऑनम्योजी एरीना, एपलॉक और ड्यूल स्पेस लाइट प्रमुख रूप से शामिल हैं. भारत में चीनी ऐप को बैन करने की शुरुआत जून 2020 में हुई जब टिकटॉक, अलीबाबा का यूसी और टेंसेंट के वीचैट समेत दर्जनों ऐप सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बैन कर दिए गए थे. तब से भारत ने पबजी समेत 200 से ज्यादा चीनी ऐप को बैन किया है
कई कंपनियों ने भारत सरकार की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की, लेकिन प्रतिबंध जारी रहा. भारत ऐप इंस्टोलेशन के मामले में सबसे बड़ा बाजार बताया जाता है. ऐप रैंकिंग प्लेटफॉर्म ऐप ऐनी के अनुसार पिछले साल भारत में 25 अरब डाउनलोड हुए. समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश की सुरक्षा का खतरा बताते हुए चीनी मूल के 54 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. इसके बाद इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने औपचारिक तौर पर अधिसूचना जारी इन पर प्रतिबंध लगा दिया. ताजा फैसले में कुछ ऐसे भी ऐप है जिन्होंने पिछले प्रतिबंध के बाद खुद को नए रूप में पेश किया था.

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