जसपा में पार्टी अध्यक्ष यादव की मनमानी विरुद्ध डा. भट्टराई पक्षधरों की हस्ताक्षर अभियान
काठमांडू, २१ फरवरी । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) के भीतर पार्टी अध्यक्ष उपेन्द्र यादव एवं संघीय परिषद् अध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टराई के बीच तीव्र मतभेद दिखाई देने लगी है । असन्तुष्ट नेताओं का दावा है कि पार्टी अध्यक्ष यादव मनमानी ढंग से पार्टी को संचालन कर रहे हैं, गम्भीर राजनीतिक परिस्थिति में भी वह केन्द्रीय समिति बैठक नहीं रख रहे हैं । यही आरोप के साथ डा. भट्टराई पक्षधर समूह ने यादव के विरुद्ध हस्ताक्षर अभियान शुरु किया है ।
भट्टराई पक्षधर नेताओं का कहना है कि ३ महीनों से केन्द्रीय समिति बैठक बुलाने के लिए कहा गया है, लेकिन अध्यक्ष यादव अनदेखा कर रहे हैं । ऐसी ही परिस्थिति में अध्यक्ष यादव ने कार्यकारीणी समिति बैठक आह्वान किया है । बैठक आगामी फाल्गुन १३ गते के लिए तय है ।
इधर अध्यक्ष यादव पक्षधर नेताओं का कहना है कि डा. भट्टराई जबरजस्त पार्टी नेतृत्व हथियाने की चाहत के साथ आगे बढ़ रहे हैं । बताया जाता है कि डा. भट्टराई वरिष्ठ नेता अशोक राई को अपने पक्ष में लाने की कोशीश में हैं । अगर राई समूह डा. भट्टराई को साथ देते हैं तो बहुमत के बल पर डा. भट्टराई कार्यकारी अधिकार ले भी सकते हैं । लेकिन नेता राई डा. भट्टराई को साथ नहीं दे रहे हैं ।
दो शीर्ष नेताओं के बीच जारी इसी विवाद के बीच हाल ही में निर्वाचन आयोग में आंख चुनाव रखकर नयी पार्टी भी पंजीकृत हुई है । कहा जाता है कि यह डा. भट्टराई समूह का ही काम है । जिसके चलते राजनीतिक वृत्त में चर्चा होती है कि जसपा पार्टी विभाजन होने की अंतिम कसरत में है ।

