व्याख्यात्मक घोषणा अमेरिका को स्वीकार करना ही होगा, नहीं तो एमसीसी खारीज हो जाएगीः प्रचण्ड

काठमांडू, २८ फरवरी । अमेरिकी सहयोग परियोजना (एमसीसी) संसद् से पास होने के प्रति नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने खुशी व्यक्त किया है । आज अपने ही निवास में आज एक पत्रकार सम्मेलन करते हुए उन्होंने कहा कि देश को दुर्घटना होने से बचा कर उन लोगों ने एमसीसी को पास किया है ।
अध्यक्ष प्रचण्ड का कहना है कि एमसीसी संबंधी विषय को लेकर राजनीतिक दल और समाज विभाजित हो रहा था, जो लोकतन्त्र के लिए भी घातक होेने की संभावना थी, ऐसी अवस्था में विवादित विषयों में व्याख्यात्मक घोषणा के साथ इसको पास करना देश को दुर्घटना से बचाना है । अध्यक्ष प्रचण्ड ने यह भी दावा किया है कि संसद् से की गई व्याख्यात्मक घोषणा अमेरिका अर्थात् एमसीसी कम्प्याक्ट को स्वीकार करना ही होगा । उन्होंने कहा है कि व्याख्यात्मक घोषणा तथा संकल्प प्रस्ताव अन्तर्राष्ट्रीय कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया और मान्यता भी है । उन्होंने आगे कहा– ‘इसको अमेरिका को स्वीकार करना ही होगा, नहीं तो एमसीसी खारीज हो जाएगी ।
अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा है कि अगर वर्तमान सत्ता गठबंधन व्याख्यात्मक घोषणा के साथ एमसीसी को पारित करने के लिए तैयार नहीं होती थी तो उक्त सम्झौता हुबहु पारित होने की संभावना थी । उनका कहना है कि ऐसी अवस्था में वर्तमान सत्ता गठबंधन भी कायम नहीं रहता था । अध्यक्ष प्रचण्ड ने कहा कि उसके बाद प्रतिगमनकारी शक्ति सत्ता में हाबी हो जाने की संभावना थी, इसीलिए सत्ताधारी दलों की बुद्धिमतापूर्ण कार्य से एमसीसी को पारित किया गया है ।

