नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा प्रधानमंत्री के भारत भ्रमण पर अंतरक्रिया
काठमांडू, १३ अप्रैल | नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान, नेपाल द्वारा आज राजधानी में परिवर्तित परिपेक्ष्य में प्रधानमन्त्री का भारत भ्रमण का महत्व विषय पर एक अंतर्क्रिया का आयोजन किया गया | नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान, नेपाल केकार्यकारी निदेशक श्री दीपक कुमार अधिकारी ने विषय प्रवेश कराते हुए सभी का स्वागत किया था | श्री अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के भारत भ्रमण से दोनों देश का सम्बंध मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी हो हमारा काम सही मार्ग दर्शन करना है। मुख्य वक्ता के रूप में सिनास के डायरेक्टर डॉ मृगेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि नेपाल के बामपंथी विचार पुरानी विचार धारा पर ही आधारित है । बामपंथियों के विचार में अभी तक कोई परिवर्तन नही आया है |
वरिष्ठ पत्रकार श्री कृष्ण अनुरुद्ध गौतम ने कहा कि नेपाल भारत सम्बन्ध में हम एक हैं लेकिन हमें पॉलिटिक्स ने विभाजित कर दिया है । उन्होंने यह भी कहा कि हमारी राजनीति ही अवसरवादी ही चुकी है। इसलिए समय समय पर भारत के विरोध में आवाज उठती है | कार्यक्रम में रिटायर्ड मेजर जेनरल विनोद बस्नेत, डॉ चंद्रदेव भट्ट लगायत लगभग २५ वक्ताओं ने अपना विचार रखा |
वक्ताओं ने एक स्वर में स्वीकार किया कि प्रधानमन्त्री श्री शेरबहादुर बहादुर देउबा का बीजेपी के मुख्यालय में जाना बिलकुल उचित था ।पूर्व प्रधानमन्त्री श्री ओली चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय में नहीं गये थे ? प्रधानमन्त्री श्री शेरबहादुर बहादुर देउबा का बीजेपी के मुख्यालय में जाने के मुद्दा को अतिरंजित कर के उछाला जा रहा है | सभी वक्ताओं का इशारा था कि बामपंथी द्वारा नेपाल भारत सम्बन्ध को बिगाड़ने का प्रयाश किया जा रहा है | इससे पूरा नेपालियों को सतर्क रहना होगा |








