Mon. Sep 16th, 2019

नकली भारतीय नोटों की छपाई मलेशिया और सिंगापुर मे, कई नेपाली नेता भी शामिल

fake noteपाकिस्तान की आईएसआई व्दारा नकली भारतीय करेंसी नोटों की छपाई अब मलेशिया और सिंगापुर मे होने लगा है । पाकिस्तानी एजेंसी ने पूर्वोत्तर में नक्सली संगठनों और विद्रोही गुटों के लिए नकली मुद्रा का उपयोग करता आरहा है यह बात जानकारी मे आइ है ।

इससे पहले, FICNनकली भारतीय करेंसी नोटों की छपाई लाहौर मे होती थी । भारतीय खुफिया एजेंसियों ने लाहौर में चल रहे छपाई के स्थान का विवरण , मुद्रण मे सामिल आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को होने का प्रमाण इकट्ठा किया है ।
भारत ने पाकिस्तान सरकार को लाहौर में साइट के उपग्रह चित्रों के साथ जानकारि कराया था ।

पाकिस्तानी एजेंसी ने वैश्विक आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के सहयोग से नकली भारतीय करेंसी नोटों की छपाइ का काम मलेशिया और सिंगापुर मेस्थापना किया है ।  जबकी संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल  पहले से इस काम का प्रमुख मार्ग रहे हैं ।खुफिया एजेंसियों के अनुसार दाऊद केनकली भारतीय नोटों की छपाइ तथा वितरण कारनामे की श्रृंखला में अप्रत्यक्षरुप से कई देशों के विभिन्न मार्ग शामिल है । शीर्ष खुफिया सूत्रों के अनुसार सिंगापुर में मुद्रित नकली भारतीय नोटों मे उच्च स्तरिय गुणवत्ता सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है जो की केवलअत्याधुनिक मशीनों से मात्र पता लगाया जा सकता है । इनमे सुरक्षा धागा और वॉटरमार्क का प्रयोग किया गया है । 

यह खुलासा आतंकवादि अब्दुल करीम टुंडा और यासीन भटकल की निरंतर पूछताछ के बाद आए हैं  । टुंडा और भटकल  नकली भारतीय नोटों को व्यापक रूप से पूर्वोत्तर माओवादियों में विद्रोही गुटों मे वितरण के लिए आईएसआई द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे थे ।

आईएसआई ने २०० करोड़ की अनुमानित कारोबार के साथ भारत और नेपाल सीमा पर अपना व्यापक नेटवर्क विकसित किया है । भारत नेपाल सीमा के अलावा रू २०००करोड की नकली मुद्रा महानगरीय शहरों कोलकाता और मुंबई मे भेजै जातें हैं ।नकली भारतीय नोट का कारोबार नेपाल के बांके से बिर्तामोड तक व्यापक रूप से किया जाता है । इसका कारोबार पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और उत्तर प्रदेश के बहराइच में प्रचलन में  हैं ।

काठमांडू नकली भारतीय नोट वितरण नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र बन गया है । काठमांडू में आईएसआई की पकड़ 2005 के बाद से लगातार बढ़ रहा है ।    नकली नोट पाकिस्तानी मिशन के लिए राजनयिक कार्गो के माध्यम से काठमांडू तक लाये जाते हैं और इसके बाद बारा , बीरगंज , भैरहवा,धनुषा,कन्चनपुर, बिर्तामोड ,काकडभिठा और बिराटनगर जैसी जगहों के लिए आईएसआई एजेंटों द्वारा वितरित किये जाते है ।  नकली मुद्रा थाईलैंड से भी काठमांडू में लाया जाता है । नेपाल के चार नेताओं का नाम भी नकली नोट के कारोवार मे खुलासा किया गया है । इनमे से दो नेता चुनाव लड रहें है । एक बिरगंज के है ।

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