हर एक जिले में हो इस तरह के कार्यक्रम— कला संस्कृति एवं खेल मंत्री आलोक रंजन
अररिया कुर्साकांटा से लौटकर माला मिश्रा !
शुक्रवार को व्यस्त कार्यक्रम होने के बाद भी बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं खेल मंत्री आलोक रंजन भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित सुंदरधाम में आयोजित सामुहिक उपनयन कार्यक्रम में उपस्थित होकर बरुआ लोगों को अपना आशीर्वाद दिया। साथ ही आयोजक कमिटी के उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देखकर अभिभूत हुआ। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम अन्य जिलों में भी हो इसके लिए वे अपने समाज को प्रेरित करेंगे। क्योंकि ऐसे कार्यक्रम से न केवल गरीबों को उबारने का मौका मिलता है, बल्कि समाज को एक मंच पर भी आने का मौका मिलता है।
मिथिला चैरिटेबल ट्रस्ट अररिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अररिया जिला का प्रभारी मंत्री भी रहे आलोक रंजन ने 108 बरूआ को अपना अमूल्य आशीर्वाद दिया। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह सामूहिक उपनयन ने समाज में महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उपनयन, शादी समारोह, श्राद्धकर्म में फिजुलखर्ची को रोकने के लिए इस तरह के आयोजन हर जगह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा सुंदरनाथ धाम को एक धार्मिक स्थल के रूप में डेवलप करने का बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्रालय की योजना है। यह उत्तरी बिहार का सांस्कृतिक धरोहर है। मिथिलांचल सहित नेपाल के श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी इस मंदिर की चर्चा अपने मन की बात में कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मंदिर का सर्वे किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि सामूहिक उपनयन समारोह के आयोजन से सामाजिक सौहार्द और एकजुटता बढ़ती है। वर्तमान समय में लोग एक दूसरे से दूर हो रहे हैं लेकिन इस तरह के संयुक्त समारोह से समाज में निकटता आती है। हर समाज में इस तरह का आयोजन होना चाहिए। इससे पूर्व मंत्री मिथिला चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक मंडली को बारी बारी सम्मानित भी किया ।







