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इजरायल में पुरातत्‍वविदों को एक प्राचीन ‘शापित’ मकबरा मिला

 

 

इजरायल में पुरातत्‍वविदों को एक प्राचीन ‘शापित’ मकबरा मिला है. इस मकबरे पर खून की तरह से लाल अक्षरों में इसे कभी नहीं खोलने की चेतावनी दी गई है. इस मकबरे को बेइत शे अरीम इलाके में स्थित एक कब्रिस्‍तान में पाया गया है. यूनेस्‍को के इस विश्‍व विरासत स्‍थल पर पिछले 65 साल में यह पहला मकबरा मिला है.

यूनेस्को द्वारा घोषित इस विश्व धरोहर स्थल पर 65 सालों के बाद कोई मकबरा मिला है, जिसपर लाल अक्षरों में चेतावनी लिखी गई है. ये जगह, लगभग उतना ही भयानक है, जितना भयानक अलादीन फिल्म में गुफा को दिखाया गया है, जहां अलादीन के हाथ में जादुई चिराग आती है.

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इस पर लाल अक्षरों में लिखा गया है कि, इसे खोलने की मूर्खता ना करें. लिहाजा इस मकबरे को शापित मकबरा कहा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस पुरातत्वस्थल पर पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से खुदाई चल रही थी और पुरातत्वविदों के लिए ये एक बहुत बड़ी खोज है.

माना जा रहा है कि यह चेतावनी मुख्‍य रूप से कब्र चुराने वाले चोरों के लिए है जो इन जगहों को अशांत करने की कोशिश करते हैं. शोधकर्ताओं ने कहा कि यह संभवत: अन्‍य लोगों को मकबरे के दोबारा इस्‍तेमाल से रोकने के लिए लिखा गया है. शोधकर्ता अदी इरलिच कहती हैं, ‘यह अन्‍य लोगों को बाद में मकबरे को खोलने से रोकने के लिए था जो अक्‍सर होता था. मकबरे का समय के साथ दोबारा इस्‍तेमाल किया जाता था.’

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शोधकर्ता अदी ने कहा, ‘यह लिखावट रोमन काल के बाद के दिनों या बयजंटाइन काल के शुरुआती दिनों की है. इसी दौर में ईसाई धर्म मजबूत हुआ था. यहां पर हम यह सबूत पाते हैं कि उस समय भी ऐसे लोग थे जो यहूदी लोगों के जुड़ना चाहते थे.’ उन्‍होंने बताया कि हम इस लिखावट का ध्‍यान रखेंगे और गुफा को बंद कर देंगे, ताकि इसे कुछ समय के लिए सुरक्षित रखा जा सके. अभी फिलहाल किसी खुदाई की कोई योजना नहीं है.

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