विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ ने किया साहित्यकारों का सम्मान!
रुड़की । विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ भागलपुर की ओर से रुड़की में आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदी सेवा के लिए उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के साहित्यकारों को विद्यावाचस्पति व विद्यासागर मानद सम्मान से विभूषित किया गया।विद्यापीठ के अधिष्ठाता डॉ योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’,राज्यसभा सांसद डॉ कल्पना सैनी,विद्यापीठ के उपकुलसचिव डॉ श्रीगोपाल नारसन ,नेशनल इंटर कालेज खानपुर के प्रधानाचार्य डॉ घनश्याम गुप्ता व वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र सैनी ने संयुक्त रूप में रामबोल शर्मा(देवबंद) को विद्यावाचस्पति, सविता वर्मा ‘गज़ल’ (मुजफ्फरनगर)को विद्यावाचस्पति, संजय कुमार सैनी (तेलपुरा) को विद्यावाचस्पति, डॉ मंजू सैनी(गाजियाबाद) को विद्या सागर,श्रीमती सुनीता देवी(रुड़की)को विद्या सागर,अशोक शर्मा आर्य (रुड़की)को विद्या सागर की मानद उपाधि शाल व प्रमाण पत्र के साथ प्रदान की।इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ श्रीगोपाल नारसन ने राज्यसभा सांसद डॉ कल्पना सैनी का विद्यापीठ व ब्रह्माकुमारीज संस्था की ओर से शाल ओढ़ाकर व सौगात देकर विशेष सम्मान किया तथा उन्हें माउंट आबू आने का निमंत्रण भी दिया।अपने सम्बोधन में डॉ कल्पना सैनी ने सम्मानित हुए साहित्यकारो को बधाई दी ओर कहा कि परमात्मा ने उन्हें राज्यसभा भेजकर सेवा करने का जो अवसर दिया है,उसके माध्यम से वे उत्तराखंड के प्रवेश द्वार नारसन से समग्र उत्तराखंड तक ऐसा विकास करना चाहती है जो देश मे एक उदाहरण बन सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यापीठ के अधिष्ठाता डॉ योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ ने हिंदीसेवियों को मिले सम्मान को उनकी साहित्य साधना का प्रतिफल बताया।उन्होंने विद्यापीठ को जहां एक गौरवमयी संस्था कहा,वही डॉ कल्पना सैनी के सतत संघर्ष को भी रेखांकित किया।केएलडी ए वी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मनोज सैनी,वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र सैनी समेत सभी सम्मानित विभूतियों ने भी अपना साहित्यिक रचनाओं को सुनाकर लोगो को भावविभोर कर दिया।मंचासीन सभी अतिथियों का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।इस अवसर पर नरेंद सिंह एडवोकेट, राजकुमार सैनी,चंद्रभान सैनी,आदेश सैनी,बलराम गुप्ता, मोहन कुमार कौशिक,नवीन शरण आदि मौजूद रहे।



