ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस, नेपाल द्वारा “प्रथम क्रॉस बॉर्डर” अंतर्क्रिया का आयोजन, कुछ झलकियां
काठमांडू, 16 जुलाई। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस नेपाल द्वारा आज राजधानी में प्रथम क्रॉस बॉर्डर अंतर्क्रिया का आयोजन किया गया । प्रमुख अतिथि के रूप में ग्लोबल कायस्थ के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन जी की उपस्थिति थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्लोबल कायस्थ नेपाल के अध्यक्ष पुनम कर्ण ने की थी । इस क्रम में ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता श्री मितेश कर्ण ने हिमालिनी को बताया कि इस कॉफ्रेंस से नेपाल और भारत दोनो देशों की मित्रता बढ़ेगी । श्री मितेश ने बताया कि यह नेपाल में पहली बार आयोजन हो रहा है और इसमें भारत से 30 से ज्यादा सहभागी भाग ले रहे हैं ।
समारोह में नेपाली कांग्रेस के नेता श्री बिमलेंद्र निधि ने कहा कि नेपाल में ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस होना गर्व की बात है । श्री निधि ने नेपाली कोंग्रेस की ओर से सभी को बधाई एवम् स्वागत किया। उन्होंने श्री राजीव रंजन जी को राजनैतिक रूप से नेपाल आने का निमंत्रण भी दिया । इस अवसर पर नेपाल चित्र गुप्त समाज के अध्यक्ष श्री रतीश चंद्र लाल ने शुभकामना मन्तव्य में देते हुए कहा कि नेपाल में चित्रांश बहुत पुरानी संस्था है । उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि यह संस्था नेपाल में 50 वर्ष से काम कर रही है । । मधेशी आयोग के अध्यक्ष वविजय कुमार दत्त, सर्वोच्च के पूर्व न्यायधीश माननीय गिरीश चंद्र लाल, वर्तमान न्यायधीश श्री अनिल सिन्हा की उपस्थिति थी । इसी तरह कुल 20 कायस्थ समाज के अग्रजों को मंचासीन कराया गया ।
आरम्भ में स्वागत मन्तव्य देते हुए कौशल जी ने कहा कि हैम एक कायस्थ ट्री बनाबे जिसके तहत सभी कायस्थों को जोड़ा जाय । और सभी कायस्थों का विकास किया जाय ।
भारत से पधारे श्री अखिलेश श्रीवास्तव सहित नेपाल के श्री वृखेष चंद्र लाल, श्री गौरी शंकर लाल दास श्री सतीश चंद्र लाल सहित 70 से ज्यादा लोगो की उपस्थिति थी । (विस्तृत रिपोर्ट बाद में)
















